फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17 से 19 फरवरी 2026 तक भारत के आधिकारिक दौरे पर आएंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच मजबूत और भरोसेमंद रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों “होराइजन 2047” रोडमैप के तहत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि इस दौरे पर भारत और फ्रांस के बीच एक बड़ी डिफेंस डील भी हो सकती है। इस डील में 114 राफेल और SCALP क्रूज मिसाइलें शामिल हैं।
बड़ी डिफेंस डील पर लग सकती है मुहर
बता दें कि, भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की बड़ी डील को इस सप्ताह रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिल सकती है। यह फैसला फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दिल्ली यात्रा से ठीक पहले लिया जा सकता है। अगर यह डील पास होती है तो यह भारत के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी डील साबित होगी, जिसकी कुल लागत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
इन मुद्दों पर भी रहेगी जोर
जानकारी के मुकाबिक पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों, रक्षा, व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और इनोवेशन जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत करेंगे। साथ ही वे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे, जिनमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग प्रमुख रहेगा। दौरे के दौरान दोनों नेता मुंबई में “इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026” का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम पूरे साल दोनों देशों में मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य विज्ञान, तकनीक और स्टार्टअप के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करना है।
AI इम्पैक्ट समिट में भी लेंगे हिस्सा
19 फरवरी को राष्ट्रपति मैक्रों नई दिल्ली में आयोजित होने वाले “AI इम्पैक्ट समिट” में भी हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य और उसके प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। यह दौरा फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा के बाद हो रहा है। इससे साफ है कि भारत और फ्रांस अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग आपसी विश्वास और साझा लक्ष्यों को दर्शाता है।