केरल पुलिस ने सोमवार को पॉलिटिकल कमेंटेटर टीजी मोहनदास को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली में NEET पेपर लीक के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों के बारे में एक YouTube वीडियो में भड़काऊ बातें कही थीं।

केरल पुलिस ने सोमवार को पॉलिटिकल कमेंटेटर टीजी मोहनदास को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली में NEET पेपर लीक के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों के बारे में एक YouTube वीडियो में भड़काऊ बातें कही थीं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोहनदास को रविवार को कोच्चि में मट्टनचेरी के पास कूवापादम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया और तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां आधी रात के आसपास उनकी गिरफ्तारी दर्ज की गई। उम्मीद है कि उन्हें सोमवार को बाद में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
पुलिस ने मोहनदास के यूट्यूब चैनल से जुड़ी जानकारी जुटाई
इस मामले की जांच कर रही साइबर पुलिस टीम ने मोहनदास के यूट्यूब चैनल 'पत्रिका' से जुड़ी जानकारी भी जुटाई और उन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को जब्त किया जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर वीडियो रिकॉर्ड और अपलोड करने के लिए किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि इन डिवाइस को कोर्ट में पेश किए जाने और बाद में उनकी फॉरेंसिक जांच किए जाने की उम्मीद है।
पुलिस ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर और भी आरोप जोड़े जा सकते हैं।
बता दें कि यह मामला एक शिकायत से जुड़ा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बाद, 24 और 25 जुलाई को मोहनदास के चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो का मकसद अशांति फैलाना और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ना था।
महिलाओं को "रेप होने में मजा आता है"
पुलिस के मुताबिक, दिल्ली में छात्रों के जमावड़े का जिक्र करते हुए मोहनदास ने विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं के बारे में कई विवादित बातें कहीं। खबरों के अनुसार, उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन से "गैंग रेप की घटनाएं हो सकती हैं" और दावा किया कि इसकी कोई शिकायत नहीं होगी क्योंकि "प्रदर्शन में शामिल लोगों को रेप पसंद है" और कुछ महिलाओं को "रेप होने में मजा आता है"।
वीडियो में मोहनदास ने यह भी बताया कि अगर हालात की जिम्मेदारी उनके पास होती, तो वे क्या करते। उन्होंने कहा कि वे प्रदर्शन वाली जगह के आस-पास कर्फ्यू लगा देते और प्रदर्शनकारियों को वहां से चले जाने के लिए कहते। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे नहीं मानते, तो वे "गोली चलवा देते"।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट और केरल पुलिस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, उनमें हिंसा भड़काने, गलत जानकारी फैलाने और बातचीत के जरिए परेशानी या उपद्रव पैदा करने जैसे आरोप शामिल हैं।
अधिकारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी संपर्क किया है और उस विवादित वीडियो को हटाने की मांग की है।
विरोध प्रदर्शन की आशंका
फिलहाल, इस मामले की जांच तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि वे साइबर पुलिस स्टेशन और कोर्ट के आसपास सुरक्षा के एहतियाती कदम उठा रहे हैं क्योंकि विरोध-प्रदर्शन की आशंका है। बता दें कि रविवार को जब मोहनदास को हिरासत में लिया गया था, तो उनके घर के बाहर काफी भीड़ जमा हो गई थी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहले ही मोहनदास से दूरी बना ली थी और कहा था कि उनकी टिप्पणियां संगठन का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं।
मोहनदास संगठन में किसी भी पद पर नहीं- RSS
27 जुलाई को जारी एक बयान में, RSS के दक्षिण केरल प्रांत सह-कार्यवाह केबी श्रीकुमार ने कहा कि मोहनदास संगठन में किसी भी पद पर नहीं हैं।
श्रीकुमार ने कहा, "हालिया विरोध प्रदर्शन पर टीजी मोहनदास की टिप्पणियां उनके निजी विचार हैं। वह किसी भी स्तर पर RSS के पदाधिकारी नहीं हैं। RSS उनके विचारों से सहमत नहीं है। संगठन मानता है कि ऐसे विचारों की कड़ी से कड़ी निंदा की जानी चाहिए।"
RSS का यह स्पष्टीकरण मोहनदास को हिरासत में लिए जाने से पहले और उनके बयानों को लेकर मचे विवाद के बीच आया था।
बता दें कि दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन NEET पेपर लीक विवाद और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग को लेकर हुआ था।
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