Jharkhand Protest: 'यह पाकिस्तान, बांग्लादेश या चीन नहीं...' विधानसभा की बैरिकेडिंग पर क्यों भड़के झारखंड के छात्र नेता देवेंद्र महतो?
Jharkhand Protest: झारखंड में JPSC और JSSC द्वारा आयोजित सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच छात्र नेता देवेंद्र महतो ने सोमवार को राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच विधानसबा की कंटीले तारों से बैरिकेडिंग
Jharkhand Protest: झारखंड में JPSC और JSSC द्वारा आयोजित सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच छात्र नेता देवेंद्र महतो ने सोमवार को राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने छात्रों के प्रस्तावित मार्च से पहले विधानसभा के आसपास कंटीले तारों से बैरिकेडिंग किए जाने पर सवाल उठाए। महतो ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
बता दें कि रांची में छात्र अपने तय मार्च से पहले पुरानी झारखंड विधानसभा के पास जुटने लगे थे। इसी दौरान आंदोलन की अगुवाई कर रहे देवेंद्र महतो ने विधानसभा तक प्रदर्शनकारियों को पहुंचने से रोकने के लिए की गई भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए इस तरह की सख्ती लोकतांत्रिक तरीके पर सवाल खड़े करती है।
विधानसभा के चारों ओर लगाए गए कटीले तार
महतो ने कहा, "विधानसभा के चारों ओर कंटीले तार लगाकर बैरिकेडिंग की गई है। हम इससे बहुत नाराज हैं। यह पाकिस्तान, बांग्लादेश या चीन नहीं है, यह झारखंड है और हम यहां के छात्र नेता हैं।"
उन्होंने कहा कि 16 दिनों के आंदोलन के दौरान छात्रों ने शांति बनाए रखी, लेकिन प्रशासन ने उनके साथ दुश्मनों जैसा बर्ताव किया। महतो ने कहा, "हम पिछले 16 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। विधानसभा तक हमारे मार्च को रोकने के लिए हमारे साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।"
'राज्य सरकार का अंग्रेज से भी बुरा बर्ताव'
छात्र नेता ने आरोप लगाया कि सरकार "छात्रों से डरी हुई है" और उन्हें राज्य विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए उसने विधानसभा के बाहर बैरिकेडिंग कर दी है। उन्होंने कहा, "यह सरकार अंग्रेजों से भी बुरा बर्ताव कर रही है।"
महतो ने आगे कहा कि प्रशासन की प्रतिक्रिया चाहे जो भी हो, प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण बने रहेंगे और वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते रहेंगे।
उन्होंने कहा, "चाहे प्रशासन कंटीले तार लगाए, गोलियां चलाए या लाठियां बरसाए, हमारा विरोध शांतिपूर्ण ही रहेगा। हम संविधान का सम्मान करते हैं। हालात हमें राज्य विधानसभा तक पहुंचने से नहीं रोक सकते।"
छात्र नेता की समर्थकों से अपील
बता दें कि सोमवार को "क्रांति" और "बदलाव" का दिन बताते हुए महतो ने छात्रों और समर्थकों से विधानसभा की ओर मार्च में शामिल होने की अपील की और इसे उनके लंबे समय से चल रहे आंदोलन का निर्णायक पड़ाव बताया।
महतो ने आरोप लगाया कि प्रशासन प्रदर्शनकारियों को विधानसभा मार्च में शामिल होने से रोकने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर उन्हें रास्ते में किसी तरह की परेशानी या विरोध का सामना करना पड़े, तब भी वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन जारी रखें।
उन्होंने कहा, "मैं लगातार लोगों से विधानसभा मार्च में शामिल होने की अपील कर रहा हूं। प्रशासन प्रदर्शनकारियों को मार्च में पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रहा है। इससे लोकतंत्र की आवाज दबाई जा रही है।"
'प्रशासन से न टकराए और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करें'
हालांकि, महतो ने प्रदर्शनकारियों से प्रशासन के साथ किसी भी तरह के टकराव से बचने की भी अपील की। उन्होंने कहा, "अगर प्रशासन आपको रोकने की कोशिश करता है तो कोई दूसरा रास्ता अपनाएं और शांतिपूर्वक विधानसभा तक पहुंचें।"
उन्होंने राजनीतिक समूहों और अन्य संबंधित पक्षों को चेतावनी दी कि वे इस आंदोलन को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश न करें और इस बात पर जोर दिया कि विरोध प्रदर्शन का पूरा ध्यान छात्रों की मांगों पर ही केंद्रित रहना चाहिए। महतो ने कहा, "किसी को भी इस विरोध प्रदर्शन का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए या इसे धार्मिक रंग नहीं देना चाहिए। कृपया केवल छात्रों की मांगों पर ध्यान दें।"
बता दें कि 'विधानसभा मार्च' का आह्वान उन छात्रों ने किया है, जो झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर दो हफ्ते से ज्यादा समय से झारखंड में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांगों में परीक्षाएं रद्द करना और आरोपों की निष्पक्ष जांच कराना शामिल है।