पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि उनकी सरकार राज्य के भीतर ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है। इससे राज्य के युवाओं को अपना भविष्य बनाने के लिए विदेश जाने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा और वे अपने घर में रहकर ही अपना करियर बना सकेंगे। लुधियाना के जगराओं निर्वाचन क्षेत्र के कमलपुर गांव में आयोजित एक 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मान ने गांव के सर्वांगीण विकास कार्यों के लिए गांव के सरपंच को ₹51 लाख का चेक सौंपा। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
मेरिट पर दीं 70000 से अधिक सरकारी नौकरियां
अपनी सरकार की रोजगार उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि उनकी सरकार ने अब तक युवाओं को केवल मेरिट के आधार पर 70000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। ये नौकरियां बिना किसी पैसे के लेनदेन या राजनीतिक सिफारिश के दी गई हैं। सीएम मान ने कहा कि, 'पहले पंजाब में रोजगार न मिलने के कारण युवाओं को विदेशों में अवसरों की तलाश करने के लिए मजबूर होना पड़ता था और सरकारी नौकरियों को अक्सर पैसे और रसूख से जोड़कर देखा जाता था। लेकिन आज पंजाब में सरकारी नौकरी पाने का एकमात्र जरिया मेरिट है। हमारे युवाओं को बिना एक भी पैसा दिए या सिफारिश मांगे, एक पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए अवसर मिल रहे हैं।'
मजीठिया पर दायर चार्जशीट पर बोले मान
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री मान ने अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ चार्जशीट दायर किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि अब उनके लिए जवाबदेही से बचना मुश्किल होगा। उल्लेखनीय है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में फाइनल चार्जशीट दाखिल की है। अकाली दल (SAD) के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मान ने पंजाब के भूगोल और भाषा की उनकी समझ पर सवाल उठाए। उन्होंने बादल परिवार के राजनीतिक वारिस की पंजाबी भाषा पर पकड़ को लेकर चुटकी लेते हुए कहा कि जो नेता राज्य की भाषा और जमीनी हकीकत से कटे रहते हैं, वे जनता का प्रभावी ढंग से प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते।
कांग्रेस और भाजपा पर साधा निशाना
विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नेता सामाजिक रूप से तो एक साथ आते हैं, लेकिन अपने राजनीतिक फायदे के लिए लोगों के बीच दरार पैदा करने वाले बयान देते हैं। मान ने कहा कि कांग्रेस आज संघर्ष कर रही है क्योंकि उसके नेताओं की दिलचस्पी जनता की सेवा करने से ज्यादा मुख्यमंत्री बनने में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा नेताओं का एक ही साझा उद्देश्य उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाना है, क्योंकि उनकी सरकार ने जन कल्याण को प्राथमिकता दी है।
मान ने कहा कि, 'कांग्रेस, अकाली और भाजपा नेता मुझे और यहां तक कि मेरे परिवार को निशाना बनाने का कोई मौका नहीं छोड़ते, लेकिन वे शायद ही कभी एक-दूसरे के खिलाफ बोलते हैं। उनका साझा एजेंडा मुझे हटाना है क्योंकि हम पंजाब के लोगों के लिए काम कर रहे हैं। मेरी सबसे बड़ी ताकत जनता का समर्थन है और उसी ताकत के साथ हम पंजाब के हितों के खिलाफ काम करने वालों को हराते रहेंगे।' पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के कार्यकाल को याद करते हुए मान ने कहा कि जनता ने उस सरकार को खारिज कर दिया था जो उनकी रोजमर्रा की समस्याओं से कटी हुई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक सत्ता का इस्तेमाल विशेषाधिकारों की रक्षा करने या धन एकत्र करने के बजाय जनता की सेवा के लिए किया जाना चाहिए।