Get App

न सीढ़ी, न लिफ्ट, न टॉयलेट... 15 साल बाद भी अधूरा ग्रेटर नोएडा का ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट! सुप्रीम कोर्ट की समिति ने बताया

हालांकि, ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर साइट-4 स्थित प्लॉट नंबर SH3 में ग्राउंड फ्लोर पर एक मॉल चल रहा है, लेकिन बाकी इमारतें अभी अधूरी पड़ी हैं। इस प्रोजेक्ट में निवेशकों के करीब 1,000 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। करीब 75 फीसदी निवेशकों का कहना है कि उन्होंने कुल रकम का 90 फीसदी तक डाउन पेमेंट के रूप में दे दिया था

Shubham Sharmaअपडेटेड Jan 25, 2026 पर 4:18 PM
न सीढ़ी, न लिफ्ट, न टॉयलेट... 15 साल बाद भी अधूरा ग्रेटर नोएडा का ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट! सुप्रीम कोर्ट की समिति ने बताया
15 साल बाद भी अधूरा ग्रेटर नोएडा का ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट, सुप्रीम कोर्ट की समिति ने बताया

ग्रेटर नोएडा में बना ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट अभी रहने या इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त एक जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है। समिति ने बताया कि प्रोजेक्ट का निर्माण अधूरा है, जबकि निवेशक पिछले 15 साल से ऑफिस, दुकानें और होटल की यूनिट मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में सीढ़ियां, लिफ्ट, एयर कंडीशनिंग, टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाएं ही पूरी नहीं हैं। इसके अलावा जरूरी सरकारी मंजूरी (स्टैच्यूटरी क्लीयरेंस) भी नहीं ली गई है। समिति ने इसके लिए प्रोजेक्ट डेवलपर भासिन इंफोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (BIIPL) की भारी लापरवाही को जिम्मेदार बताया है।

हालांकि, ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर साइट-4 स्थित प्लॉट नंबर SH3 में ग्राउंड फ्लोर पर एक मॉल चल रहा है, लेकिन बाकी इमारतें अभी अधूरी पड़ी हैं। इस प्रोजेक्ट में निवेशकों के करीब 1,000 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं।

यह जांच समिति पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज दीपक गुप्ता की अध्यक्षता में बनी है, जिसमें वरिष्ठ वकील रेखा पल्ली भी सदस्य हैं। समिति ने बताया कि डेवलपर ने साल 2010 में निवेशकों से 6,500 से 10,000 रुपये प्रति वर्ग फुट की ऊंची कीमत वसूली थी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें