Greater Noida West Metro Extension: PIB ने दी 8.4 किमी मेट्रो लाइन को मंजूरी, गौर चौक समेत 5 स्टेशनों से बदलेगी कनेक्टिविटी
Greater Noida West Metro: पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन के 8.4 किलोमीटर के प्रस्तावित विस्तार को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।
पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने दी 8.4 किमी मेट्रो लाइन को मंजूरी
Greater Noida West Metro: पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन के 8.4 किलोमीटर के प्रस्तावित विस्तार को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 तक बनने वाले इस मेट्रो कॉरिडोर में कुल 5 स्टेशन होंगे। साथ ही इस परियोजना को करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा और इसे चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बता दें कि पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड अलग-अलग मंत्रालयों का एक समूह है, जो बड़े सरकारी निवेश वाले प्रोजेक्ट्स की जांच और समीक्षा करती है। इसके बाद ही इन प्रस्तावों को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाता है।
PIB की बैठक मेट्रो प्रोजेक्ट्स के लिए सबसे अहम मंजूरियों में से एक है, क्योंकि इसमें प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता, कुल लागत, फंडिंग का तरीका, खर्च और फायदे का आकलन और भविष्य में कितने यात्री इसका इस्तेमाल करेंगे, जैसी चीजों की जांच की जाती है।
NMRC के जनरल मैनेजर (प्रोजेक्ट्स) प्रदीप यादव ने कहा, "PIB एक हफ्ते में मीटिंग का ब्यौरा (मिनट्स) शेयर करेगा। इसके बाद प्रोजेक्ट को फाइनल मंज़ूरी के लिए कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।"
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद, डेवलपर को काम पर रखने के लिए टेंडर जारी किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि यह मेट्रो कॉरिडोर लोगों की आवाजाही को काफी आसान बना देगा। खासतौर पर उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अभी बहुत ज्यादा भीड़-भाड़ वाले गौर चौक के रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।
प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर पर कुल 5 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें- सेक्टर 61, सेक्टर 70, सेक्टर 122, सेक्टर 123 और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (गौर चौक) शामिल हैं।
स्थानीय लोगों ने फैसला का किया स्वागत
स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बहुत बड़ी आबादी रहती है और उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी की बहुत जरूरत है।
जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट का गौर चौक एक अहम ट्रैफिक जंक्शन है। यहां पर करीब पांच लाख से ज्यादा लोग रहते हैं और नोएडा, सूरजपुर, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से यहां काफी ट्रैफिक आता है। मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम न होने की वजह से, यहां आने-जाने वाले लोग ज्यादातर अपनी गाड़ियों पर ही निर्भर रहते हैं। रोजाना रश आवर के दौरान इस रास्ते पर ट्रैफिक बहुत धीरे-धीरे चलता है।
सुपरटेक इको विलेज के रहने वाले मनीष कुमार ने कहा, "दो साल पहले अधिकारियों ने दावा किया था कि सरकार ने प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है और काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। हालांकि, प्रोजेक्ट में कई सालों की देरी हुई। PIB की मंजूरी एक अच्छा कदम है, लेकिन हम चाहते हैं कि सरकार इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे और निर्माण कार्य शुरू करे।"
यूपी सरकार ने दी थी 18 किमी लंबे ट्रैक को मंजूरी
बता दें कि 2024 में, UP सरकार ने 18 किलोमीटर लंबे ट्रैक के शुरुआती अलाइनमेंट को मंजूरी दी थी। यह ट्रैक दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर मौजूद सेक्टर 61 स्टेशन को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 से जोड़ेगा। यह रूट सेक्टर 70, सेक्टर 122, सेक्टर 123, ग्रेटर नोएडा सेक्टर 4, इकोटेक 12, ग्रेटर नोएडा सेक्टर 2, सेक्टर 3, सेक्टर 10 और सेक्टर 12 से होकर गुजरेगा।
हालांकि, हाउसिंग और अर्बन अफेयर्स मिनिस्ट्री (MoHUA) ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट से होकर गुजरने वाले 72 किलोमीटर लंबे गाजियाबाद-जेवर रैपिड रेल कॉरिडोर पर फैसला होने तक मंजूरी रोक दी थी। लेकिन बाद में NMRC ने प्रोजेक्ट की डिटेल्ड रिपोर्ट में बदलाव किया।
जानकारी के मुताबिक, इस साल फरवरी में केंद्र सरकार ने एक्वा लाइन के दो विस्तार प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी थी। इनमें सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक मेट्रो विस्तार और डिपो-बोराकी रूट को जोड़ने वाला दूसरा कॉरिडोर शामिल है। NMRC इन दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए डेवलपर्स को हायर करने की प्रक्रिया में है।
एक्वा लाइन मेट्रो नोएडा के सेक्टर 51 को ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन से जोड़ती है और जून 2026 के डेटा के अनुसार, इसमें रोजाना औसतन लगभग 60,705 यात्री सफर करते हैं।