Get App

Gujarat UCC Bill: गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक को मंजूरी, लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों को करना होगा ये काम

Gujarat UCC Bill: गुजरात विधानसभा ने मंगलवार 24 मार्च को सात घंटे की लंबी बहस के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल को मंजूरी दे दी। इस बिल का मकसद सभी धर्मों में शादी, तलाक, विरासत और लिव-इन संबंधों को रेगुलेट करने के लिए एक समान कानूनी ढांचा बनाना है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Mar 25, 2026 पर 8:15 AM
Gujarat UCC Bill: गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक को मंजूरी, लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों को करना होगा ये काम
Gujarat UCC Bill: नया कानून एक से ज्यादा शादियों (बहुविवाह) पर भी रोक लगाता है

Gujarat UCC Bill: गुजरात विधानसभा ने मंगलवार (24 मार्च) को समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल 2026 (UCC) पास कर दिया। इस बिल में शादी, तलाक, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप को धर्म या समुदाय की परवाह किए बिना एक ही कानूनी दायरे में लाने का प्रस्ताव है। गुजरात सरकार के मुताबिक, इस बिल का मकसद सभी धर्मों में शादी, तलाक, विरासत और लिव-इन संबंधों को रेगुलेट करने के लिए एक समान कानूनी ढांचा बनाना है। इस बिल में जबरदस्ती, दबाव या धोखे से की गई शादियों के लिए सात साल की जेल की सजा का प्रावधान है।

इसके अलावा, यह एक से ज्यादा शादियों (बहुविवाह) पर भी रोक लगाता है। साथ ही, यह कानून शादी और लिव-इन संबंधों दोनों के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाता है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस कदम की तारीफ करते हुए इसे समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक सुधार बताया। जबकि कांग्रेस पार्टी ने इसका जोदार विरोध करते हुए तर्क दिया कि यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और मुस्लिम विरोधी है।

विपक्षी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के विरोध के बीच गुजरात विधानसभा ने मंगलवार को सात घंटे की लंबी बहस के बाद बिल को मंजूरी दे दी। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार सुबह सदन में यह बिल पेश किया। यह बिल राज्य द्वारा नियुक्त एक समिति द्वारा UCC के कार्यान्वयन पर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के ठीक एक हफ्ते बाद पेश किया गया।

धोखे से शादी की तो होगी जेल

सब समाचार

+ और भी पढ़ें