Ram Rahim Parole: रेप और मर्डर के दोषी राम रहीम को 15वीं बार पैरोल मिलने पर बवाल, काफिले के साथ 40 दिन के लिए जेल से आया बाहर

Ram Rahim Parole Row: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार के मामले में 2017 में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। दोषी ठहराए जाने के बाद यह उसकी 15वीं पैरोल है। डेरा प्रमुख को 16 साल से अधिक समय पहले एक पत्रकार की हत्या के मामले में 2019 में दोषी ठहराया गया था

अपडेटेड Jan 05, 2026 पर 6:41 PM
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Ram Rahim Parole Row: राम रहीम सिंह को अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार के मामले में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी

Ram Rahim Parole Row: अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार के मामले में सजायाफ्ता डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह सोमवार को रोहतक की सुनारिया जेल से 40 दिन की पैरोल पर बाहर आ गया। सिंह को अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार के मामले में 2017 में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। दोषी ठहराए जाने के बाद यह उसकी 15वीं पैरोल है। डेरा प्रमुख और तीन अन्य लोगों को 16 साल से अधिक समय पहले एक पत्रकार की हत्या के मामले में 2019 में दोषी ठहराया गया था।

डेरा के प्रवक्ता एवं वकील जितेंद्र खुराना ने बताया कि 40 दिन की इस अवधि के दौरान सिंह सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में ही रहेगा। सिंह इससे पहले अगस्त 2025 में 40 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। अप्रैल 2025 में उसे 21 दिन की फरलो और पांच फरवरी को हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले जनवरी 2025 में 30 दिन की पैरोल दी गई थी।

इसी तरह, पांच अक्टूबर 2024 को हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले 1 अक्टूबर को वह 20 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। फिर अगस्त 2024 में उसे 21 दिन की फरलो दी गई थी। 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक दो सप्ताह पहले सात फरवरी से तीन सप्ताह की फरलो मिली थी।

मई 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने संप्रदाय के पूर्व मैनेजर रणजीत सिंह की 2002 में हुई हत्या के मामले में दोषयुक्त और कमजोर जांच का हवाला देते हुए सिंह और चार अन्य को बरी कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत के उस आदेश को पलट दिया था, जिसमें सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। सीबीआई अदालत ने सिंह को सह-आरोपियों के साथ आपराधिक साजिश रचने का दोषी ठहराया था।

पिछले 14 मौकों में से कई बार जेल से बाहर आने पर सिंह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित अपने डेरा आश्रम में रहा। सिरसा मुख्यालय वाले डेरा सच्चा सौदा के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य राज्यों में कई अनुयायी हैं। हरियाणा में डेरा के अनुयायियों की संख्या कई जिलों में काफी है, जिनमें सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल और हिसार शामिल हैं।


विपक्ष ने की आलोचना

विपक्ष के कुछ नेताओं ने साल 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश मामले में उमर ख़ालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत से इनकार किए जाने पर सोमवार को सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पांच साल से जेल में बंद लोगों को जमानत नहीं मिल रही। लेकिन बलात्कार के दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल दी जा रही है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति जैसे सिख संगठनों ने भी सिंह को राहत दिए जाने की आलोचना की है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद जॉन ब्रिटास ने X पर पोस्ट किया, "यह सिद्धांत कि ‘जमानत नियम है, जेल अपवाद’ कुछ खास व्यक्तियों के मामले में स्पष्ट रूप से लागू नहीं होता।" ब्रिटास ने कहा, "उमर खालिद को कोई जमानत नहीं मिल रही, कठोर यूएपीए कानून के तहत 5 साल से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया है, जबकि मुकदमा अभी शुरू भी नहीं हुआ है।"

उन्होंने कहा, "इस बीच, बलात्कार के दोषी और हत्यारे गुरमीत राम रहीम सिंह (2017 में सजा सुनाई गई) को अभी 40 दिन की और पैरोल दी गई है, सजा के बाद जेल से उनकी 15वीं अस्थायी रिहाई। एक को बिना मुकदमे के अनिश्चित काल तक जेल में रखा जाता है। दूसरे को बार-बार 'जेल से छुट्टियों' का आनंद मिलता है।"

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