नीम करौली बाबा को लेकर लोगों की बढ़ती दिलचस्पी भी देखने को मिल रही है और उनके जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' की रिलीज के बाद उनका नाम एक बार फिर चर्चा में आया है। खबरों के मुताबिक, करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने भी बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक विरासत से जुड़े विषय को लोगों के बीच पहुंचाया है।
नीम करौली बाबा का जन्म उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में हुआ था और उन्होंने अपने जीवन का काफी समय इसी क्षेत्र में साधना और तपस्या करते हुए बिताया। बाबा की समाधि भी उत्तर प्रदेश में ही स्थित है, इसलिए उनके भक्तों के लिए राज्य में मौजूद ये जगहें खास महत्व रखती हैं। अब उत्तर प्रदेश सरकार इन स्थानों को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की योजना बना रही है। फिरोजाबाद स्थित उनकी जन्मस्थली को एक बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
जन्म स्थान पर बनेगा भव्य कॉरिडोर
फिरोजाबाद में नीम करौली बाबा की जन्मस्थली को बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इस परियोजना के लिए करीब 87.5 बीघा जमीन तय की गई है। यहां भव्य प्रवेश द्वार, डिजिटल म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाया जाएगा, जहां लोग बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा मीटिंग हॉल, मल्टी लेवल पार्किंग, कम्युनिटी किचन, फूड कोर्ट, मेडिटेशन सेंटर और वेलनेस सेंटर जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी
इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जमीन मालिकों को सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा और यह राशि जमीन की मौजूदा कीमत से चार गुना होने की बात कही गई है। बाबा के परिवार के सदस्यों समेत कुछ ग्रामीणों ने कथित तौर पर अनापत्ति प्रमाण पत्र भी दिया है, जिसे मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया है। सरकार की मंजूरी के बाद जमीन अधिग्रहण पूरा होने पर निर्माण का काम शुरू किया जा सकेगा।
तपस्या स्थल पर भी बढ़ेंगी सुविधाएं
सरकार की योजना जन्म स्थान के साथ फर्रुखाबाद के नीब करौरी गांव में भी विकास कार्य किए जाने की तैयारी है। माना जाता है कि नीम करौली बाबा ने इस इलाके में करीब 12 साल तक तपस्या की थी और इसी गांव के नाम से बाद में वे नीम करौली बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए। यहां करीब 5 एकड़ जमीन को विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित कामों में पानी की टंकी, सड़कों को चौड़ा करना, अतिक्रमण हटाना और व्यवस्थित पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म 'हनुमान अंश' की रिलीज के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है और रोजाना करीब 60 से 70 हजार लोगों के पहुंचने की बात कही गई है।
वृंदावन के समाधि स्थल का भी होगा विकास
नीम करौली बाबा से जुड़ी धार्मिक पर्यटन योजना में वृंदावन स्थित उनके समाधि स्थल को भी शामिल किया गया है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ आसपास के इलाके में सड़क संपर्क और दूसरी जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है। इसका मकसद समाधि स्थल तक पहुंच को आसान बनाना और वहां आने वाले भक्तों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।
हनुमान सेतु से शुरू होगा प्रस्तावित बाबा सर्किट
लखनऊ का गोमती नदी के किनारे स्थित हनुमान सेतु मंदिर भी प्रस्तावित 'नीम करौली बाबा सर्किट' का अहम हिस्सा होगा। यह मंदिर बाबा की प्रेरणा से बनाया गया था और इसे सर्किट के शुरुआती केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड की ओर से यहां से गाइडेड टूर भी शुरू किए जा सकते हैं। मंदिर परिसर में फिलहाल नीम करौली बाबा की दो मूर्तियां और भगवान हनुमान की एक बड़ी मूर्ति मौजूद है।
नीम करौली बाबा से जुड़ा कैंची धाम भले ही बाबा से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध जगहों में शामिल हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में मौजूद इन स्थानों की अपनी अलग कहानी और महत्व है। प्रोजेस्ट में कैंची धाम की तरह श्रद्धालुओं के अनुभव और सुविधाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी, फिरोजाबाद की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर विकास किया जाएगा। इस विकास के बाद इन जगहों पर सुविधाएं बेहतर होने के साथ बाबा के जीवन, उनकी साधना और आध्यात्मिक विरासत को करीब से समझने का मौका भी मिल सकता है।