Snowfall In Manali: हिमाचल प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद हुई भारी बर्फबारी ने जहां पहाड़ों को चांदी जैसा सफेद कर दिया है, वहीं हजारों पर्यटकों के लिए यह किसी डरावने सपने जैसा साबित हो रहा है। गणतंत्र दिवस के लंबे वीकेंड के कारण दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ से उमड़ी सैलानियों की भारी भीड़ मनाली के पास भीषण ट्रैफिक जाम और बर्फबारी में फंस गई है। हालात इतने खराब हैं कि नेशनल हाईवे पर 8 से 10 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी है और लोग पिछले 24 घंटों से अपनी कारों में कैद हैं। राज्य भर में 835 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे संपर्क पूरी तरह कट गया है।
'बिस्कुट के सहारे काटी रात', पर्यटकों ने सुनाई आपबीती
सड़कों पर फंसे पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं जुटाना भी चुनौती बन गया है। पर्यटकों ने बताया कि वे रात भर ठिठुरती ठंड में कारों में बैठे रहे। पास में न तो कोई होटल है और न ही टॉयलेट की सुविधा। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और भी गंभीर हो गई है। एक पर्यटक ने बताया कि, 'हमने पिछले 24 घंटों से केवल बिस्कुट और चिप्स खाकर गुजारा किया है। प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं दिख रहे।' गाड़ियों के न हिलने के कारण कई पर्यटक अपना सामान उठाकर 10 से 20 किलोमीटर तक बर्फ में पैदल चलकर मनाली पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
भारी बर्फ और बंद रास्तों ने बढ़ाई मुसीबत
मौसम विभाग ने कुल्लू, लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर जैसे ऊंचाई वाले जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां भारी बर्फबारी और बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि पूरे प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण येलो अलर्ट लागू है। इस भीषण मौसम के चलते राज्य की 835 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं, जिन्हें खोलने के लिए बीआरओ और पीडब्ल्यूडी की टीमें शून्य से नीचे के तापमान में भी तैनात हैं। वर्तमान में सबसे गंभीर स्थिति मनाली-पतलीकुहल खंड में है जहां वाहन घंटों से रेंग रहे हैं, वहीं अटल टनल के पास भारी बर्फ जमा होने के कारण यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है। हाईवे के कई हिस्सों में 2 फीट तक जमी बर्फ मशीनों द्वारा रास्ता साफ करने के काम में बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों का संपर्क मुख्य शहरों से कट गया है।
हिमाचल प्रदेश प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अभी पहाड़ों का रुख न करें। जब तक सड़कें पूरी तरह साफ नहीं हो जातीं, तब तक अनावश्यक यात्रा से बचें। होटल एसोसिएशन ने भी स्पष्ट किया है कि मनाली में लगभग सभी होटल फुल है, इसलिए बिना बुकिंग के आने वाले सैलानियों को रात गाड़ियों में ही बितानी पड़ रही है।