देश में इस साल मानसूनी बारिश की शुरुआती सुस्ती के बाद अब खेती-किसानी के मोर्चे पर राहत भरी खबर सामने आ रही है। जून के महीने में बीते 12 सालों की सबसे कम बारिश (40 फीसदी घाटा) दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई में हुई सामान्य बारिश ने खरीफ फसलों की बुआई की रफ्तार को दोबारा पटरी पर ला दिया है। Bloomberg की एक रिपोर्ट के मुताबिक मानसूनी फसलों के रकबे में जून के मुकाबले बड़ा सुधार देखने को मिला है। अगर आने वाले दिनों में बारिश का यह सिलसिला यूं ही जारी रहता है तो इससे देश में खाद्यान्न की महंगाई को कंट्रोल करने में बड़ी मदद मिल सकती है।
