LAC के पास भारत को मिलेगा दूसरा रणनीतिक रूट; जानिए हूरी-टाक्सिंग रोड प्रोजेक्ट कैसे काउंटर करेगा चीन को

बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने हुरी से ताक्सिंग तक प्रस्तावित सड़क को लेकर आगे की तैयारी शुरू कर दी है। करीब 95.35 किलोमीटर लंबी ये नई सड़क पूरी तरह नए रास्ते पर बनाई जाएगी और इसे ‘प्रोजेक्ट अरुणांक’ के तहत विकसित किया जाना है

अपडेटेड Aug 31, 2026 पर 11:59 AM
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हुरी-ताक्सिंग सड़क सिर्फ दो इलाकों को जोड़ने वाली सड़क होगी (Photo: Representation Image)

अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने हुरी से ताक्सिंग तक करीब 95 किलोमीटर लंबी नई सड़क के लिए विस्तृत योजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चीन सीमा के करीब स्थित ताक्सिंग तक पहुंचने के लिए ये सड़क बेहद अहम मानी जा रही है। इसके बनने से दूरदराज के इलाकों में आवाजाही आसान होने के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में जरूरी सामान और सेवाएं पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।

सीमावर्ती इलाके में होगा बेहतर संपर्क

CNN-News18 के मुताबिक, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने हुरी से ताक्सिंग तक प्रस्तावित सड़क को लेकर आगे की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सड़क की व्यवहारिकता जांचने के साथ डिटेल्ड परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की योजना है। करीब 95.35 किलोमीटर लंबी ये नई सड़क पूरी तरह नए रास्ते पर बनाई जाएगी और इसे ‘प्रोजेक्ट अरुणांक’ के तहत विकसित किया जाना है। अधिकारियों के डाक्युमेंट्स के मुताबिक, सड़क का निर्माण एनएचडीएल के तय मानकों के अनुसार किया जाएगा, जिससे सीमावर्ती इलाके में बेहतर सड़क संपर्क तैयार हो सके।


ताक्सिंग तक पहुंचना काफी मुश्किल

हुरी-ताक्सिंग सड़क सिर्फ दो इलाकों को जोड़ने वाली सड़क नहीं है। इससे अरुणाचल प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और सीमा के करीब पहुंच को आसान बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। साथ ही, जरूरी सामान और लोगों की आवाजाही भी सुगम होने की उम्मीद है। ताक्सिंग अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में स्थित एक दूरदराज का इलाका है। ये जिला मुख्यालय दापोरिजो से 200 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी पर है और चीन की सीमा के नजदीक पड़ता है। पहाड़ी और कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण यहां लंबे समय तक पहुंचना काफी मुश्किल रहा है।

नई सड़क बनने से होगा फायदा

हाल के वर्षों में ताक्सिंग तक सड़क पहुंची है, लेकिन वहां जाने का रास्ता आज भी काफी मुश्किल है। नाचो से ताक्सिंग की मौजूदा सड़क कई जगह संकरी और खराब है। कुछ हिस्सों में दो गाड़ियों का एक साथ निकलना भी मुश्किल होता है। इससे आम लोगों और सेना के वाहनों को परेशानी होती है। ऐसे में हुरी से ताक्सिंग तक नई सड़क बनने से इस समस्या को कम किया जा सकता है। नई सड़क बनने से सेना के लिए सीमा वाले इलाके में आना-जाना और जरूरी सामान पहुंचाना आसान हो सकता है। इससे वाहन, ईंधन और दूसरी जरूरी चीजें जल्दी पहुंचाई जा सकेंगी। अधिकारियों के मुताबिक, किसी आपात स्थिति में एक से ज्यादा रास्ते होना जरूरी होता है। ऐसे में नया रास्ता सेना के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।

चीन के काफी करीब है ताक्सिंग

ताक्सिंग ऊपरी सुबनसिरी जिले में चीन के तिब्बत क्षेत्र के पास स्थित एक अहम सीमावर्ती बस्ती है। यह इलाका वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के करीब होने की वजह से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां बेहतर सड़क होने से सैनिकों की आवाजाही आसान हो सकती है और जरूरत के समय जरूरी सामान और दूसरी सुविधाएं जल्दी पहुंचाई जा सकती हैं। मजबूत सड़क संपर्क से सीमावर्ती इलाकों में सप्लाई, मेडिकल मदद और इंजीनियरिंग टीमों की पहुंच को भी बेहतर बनाया जा सकता है।

मजबूत की जा रही कनेक्टिविटी

हुरी-ताक्सिंग सड़क की योजना ऐसे समय में सामने आई है, जब सीमावर्ती क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। ताक्सिंग की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए इस इलाके में विकास कार्यों पर भी लगातार ध्यान दिया जा रहा है। इसी साल फरवरी में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने ताक्सिंग का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने ताक्सिंग-नाचो-कोडुखा-लाइमकिंग क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की और कुछ योजनाओं का उद्घाटन भी किया।

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