भारत को 5 और S-400 'सुदर्शन' देने के लिए रूस ने भेजा प्रस्ताव, जानिए कितने हजार करोड़ की है यह महाडील

अपनी वायु सेना के तरकश को और अधिक मजबूत बनाने के लिए भारत अपने S-400 सिस्टम के लिए 280 से अधिक मिसाइलें भी खरीद रहा है। भारत प्रोजेक्ट कुशा (Project Kusha) के तहत अपनी खुद की लंबी दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम भी डेवलप कर रहा है।

अपडेटेड Aug 31, 2026 पर 11:38 AM
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भारत और रूस के बीच 2018 में हुए पहले कॉन्ट्रैक्ट के तहत 5 S-400 स्क्वाड्रन का ऑर्डर दिया गया था।

भारतीय वायु सेना (IAF) की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। रूस ने भारत को S-400 'सुदर्शन' लंबी दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम की 5 और स्क्वाड्रन सप्लाई करने के लिए रक्षा मंत्रालय को अपना डिटेल प्रपोजल सौंपा है। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक रूस का यह प्रस्ताव भारत द्वारा जारी किए गए टेंडर के जवाब में आया है। रक्षा सूत्रों ने एएनआई को बताया कि भारतीय टेंडर पर रूस का जवाब मिल गया है और फिलहाल इस पर प्रक्रिया चल रही है। सूत्रों के अनुसार इस मेगा प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹50000 करोड़ से अधिक है।

2018 के ठेके की आखिरी डिलीवरी जल्द, नए सौदे की समयसीमा

भारत और रूस के बीच 2018 में हुए पहले कॉन्ट्रैक्ट के तहत 5 S-400 स्क्वाड्रन का ऑर्डर दिया गया था। इनमें से 4 स्क्वाड्रन भारत को पहले ही मिल चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक पहले समझौते की आखिरी और पांचवीं स्क्वाड्रन इसी साल नवंबर तक डिलीवर होने की उम्मीद है।


अभी प्रोसेस में चल रहे नए कॉन्ट्रैक्ट पर साइन होने के करीब तीन साल बाद नए मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी शुरू होने की संभावना जताई गई है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद रूस से S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की 5 एक्स्ट्रा स्क्वाड्रन लेने की योजनाओं को मंजूरी दी थी। इन एक्स्ट्रा यूनिट्स को भारत के मल्टीलेयर एयर डिफेंस नेटवर्क को मजबूत करने के लिए पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर तैनात किए जाने की उम्मीद है।

ऑपरेशन सिंदूर में S-400 सुदर्शन का दिखा था दम

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने देश का बहुत साथ दिया था। इस सिस्टम ने पाकिस्तानी निगरानी और लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। इसके अलावा दूसरे जहाजों को भारतीय सीमा के 200 किलोमीटर के दायरे में उड़ान भरने से रोके रखा। हाल ही में एएनआई के साथ एक पॉडकास्ट में वेस्टर्न एयर कमान के प्रमुख एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने बताया था कि S-400 ने संभवतः सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का अब तक का सबसे लंबी दूरी का रिकॉर्डेड किल हासिल किया। इस दौरान उसने 314 किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तान वायु सेना के एक टोही जहाज को मार गिराया।

उन्होंने यह भी बताया कि इसी मिसाइल सिस्टम से चीन द्वारा इस्लामाबाद को दिए गए J-10 सहित कई पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने आगे बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की लोकेशन और ठिकाने का पता लगाने के लिए पाकिस्तान ने भारत में जासूस तैनात किए थे और अपने स्लीपर सेल सक्रिय कर दिए थे।

भारत की भविष्य की तैयारियां: मिसाइलें, प्रोजेक्ट कुशा और सुदर्शन चक्र

अपनी वायु सेना के तरकश को और अधिक मजबूत बनाने के लिए भारत अपने S-400 सिस्टम के लिए 280 से अधिक मिसाइलें भी खरीद रहा है। भारत प्रोजेक्ट कुशा (Project Kusha) के तहत अपनी खुद की लंबी दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम भी डेवलप कर रहा है। इस स्वदेशी कार्यक्रम को हाल ही में लगभग 140 किलोमीटर की दूरी पर एक सिम्युलेटेड टारगेट को नष्ट करने के बाद शुरुआती सफलता मिली है। भारत की योजना मिशन सुदर्शन चक्र के तहत पूरे देश में एक विशाल एयर शील्ड तैनात करने की भी है।

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