I-PAC रेड में मामले में ममता सरकार को झटका, कलकत्ता हाई कोर्ट ने खारिज की TMC की याचिका

I-PAC Raid Case: कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार (14 जनवरी) को पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की याचिका खारिज कर दी। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने दूसरे प्रतिवादी के कहने पर राजनीतिक गोपनीय डेटा को सुरक्षित रखने और उसकी सुरक्षा की मांग की थी

अपडेटेड Jan 14, 2026 पर 6:02 PM
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I-PAC Raid Case: हाई कोर्ट ने बुधवार (14 जनवरी) को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अपने डेटा की सुरक्षा की मांग वाली याचिका खारिज कर दी

I-PAC Raids Row: कोलकाता में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) पर हुई ED रेड से जुड़े मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार (14 जनवरी) को TMC की अपने डेटा की सुरक्षा की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसे बताया है कि पिछले हफ्ते की छापेमारी के दौरान पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के ऑफिस और घर से कुछ भी जब्त नहीं किया गया था।

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर 8 जनवरी को हुई ED की छापेमारी के दौरान कथित तौर पर जब्त किए गए पर्सनल और पॉलिटिकल डेटा की सुरक्षा के लिए आदेश देने की मांग की थी। जस्टिस शुभ्रा घोष ने 8 जनवरी की घटनाओं की CBI जांच की मांग वाली ED की याचिका पर सुनवाई भी टाल दी।

सुनवाई के दौरान, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने बेंच को बताया कि जांच एजेंसी ने कुछ भी जब्त नहीं किया था। बल्कि मुख्यमंत्री ही फाइलें और डिवाइस अपने साथ ले गई थीं। इसके बाद जस्टिस घोष की बेंच ने भी कहा कि 8 जनवरी को I-PAC या उसके डायरेक्टर के ऑफिस से कुछ भी जब्त नहीं किया गया था।


इसके अलावा, ED ने मामले को स्थगित करने का अनुरोध किया क्योंकि उसने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस बीच, TMC की वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि पार्टी सिर्फ अपने डेटा की सुरक्षा चाहती है।

अब सुप्रीम कोर्ट गुरुवार (15 जनवरी) को पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ मामले में ED की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इस मामले की सुनवाई जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच करेगी।

I-PAC ऑफिस पर ED की छापेमारी

ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इसमें पश्चिम बंगाल में छह और दिल्ली में चार ठिकाने शामिल थे। इसमें I-PAC ऑफिस और जैन का आवास भी शामिल था। I-PAC 2019 के लोकसभा चुनावों से TMC से जुड़ा हुआ है।

I-PAC ऑफिस और जैन के आवास पर छापेमारी के बाद सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सीएम ममता बनर्जी रेड की खबर मिलते ही जैन के पहुंचीं और राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाया। उन्होंने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर चुनाव से पहले TMC के आंतरिक दस्तावेज, हार्ड डिस्क और उसकी चुनावी रणनीति से जुड़े संवेदनशील डेटा को जब्त करके उनकी पार्टी को निशाना बनाने का आरोप लगाया

ED ने पिछले हफ्ते एक प्रेस स्टेटमेंट में आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी रेड के दौरान कोलकाता में लाउडन रोड पर जैन के घर में घुसीं और अहम सबूत लेकर चली गईं। इसके एक दिन बाद, ममता बनर्जी ने कोलकाता में बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के एक्टर्स के साथ एक बड़ा विरोध मार्च निकाला। उन्होंने ED पर BJP के पॉलिटिकल टूल के तौर पर काम करने और अपनी पार्टी की अंदरूनी रणनीति चुराने का आरोप लगाया।

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ममता ने कहा कि सेंट्रल एजेंसी की रेड के दौरान I-PAC से जुड़ी जगहों पर जाने में उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया। बाद में ED ने हाई कोर्ट में यह आरोप लगाते हुए याचिका दायर की कि ममता बनर्जी ने उसकी जांच में रुकावट डाली। इसके बाद TMC ने भी एक याचिका दायर कर दावा किया कि उसका गोपनीय डेटा ले लिया गया है। इन दोनों मामलों की सुनवाई आज (14 जनवरी) हुई।

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