I-PAC ED Raid: 'दीदी' की ED से लड़ाई सड़क तक आई! कोलकाता में ममता बनर्जी का पैदल मार्च
ED Raid: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कलकत्ता हाई कोर्ट में I-PAC के कार्यालय और इसके प्रमुख के घर पर ED गई छापेमारी के खिलाफ भी याचिका दायर की गई। इसमें तलाशी अभियान के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों के ‘‘दुरुपयोग और प्रसार’’ पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। ED ने दावा किया कि ये अभियान कथित तौर पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले की जांच का हिस्सा थे
I-PAC ED Raid: 'दीदी' की ED से लड़ाई सड़क तक आई! कोलकाता में ममता बनर्जी का पैदल मार्च
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय के I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घऱ और दफ्तरों पर छापेमारी के खिलाफ कोलकाता की सड़कों पर अपना विरोध मार्च निकाल। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ, बनर्जी ने 8B बस स्टैंड क्षेत्र से मार्च शुरू किया। इस दौरान उन्होंने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और उस पर 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले "राजनीतिक प्रतिशोध के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग" करने का आरोप लगाया।
यह रैली, जो हजरा मोड़ की ओर बढ़ रही है, गुरुवार को ED की रेड के दौरान बनर्जी के जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर पर मचे नाटकीय बवाल के बाद निकाली जा रही है। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को I-PAC से जुड़े ठिकानों पर रेड और जब्ती से जुड़े मामलों की सुनवाई को स्थागित कर दिया, क्योंकि सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम के भीतर हंगामा मच गया।
हाई कोर्ट ने सुनवाई टाली
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, जस्टिस सुव्रा घोष, जिनकी अदालत में इस मामले की सुनवाई होनी थी, उन्होंने याचिका से जिन लोगों का संबंध नहीं है, उन्हें बार-बार कोर्ट रूम से बाहर जाने को कहा, लेकिन उनके आदेश को अनसुना किए जाने के बाद, जज सुनवाई को 14 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया।
वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कलकत्ता हाई कोर्ट में I-PAC के कार्यालय और इसके प्रमुख के घर पर ED गई छापेमारी के खिलाफ भी याचिका दायर की गई। इसमें तलाशी अभियान के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों के ‘‘दुरुपयोग और प्रसार’’ पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।
TMC का ED के खिलाफ आरोप
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी TMC ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आगामी विधानसभा चुनाव में टीएमसी के उपयोग के लिए रखे गए संवेदनशील और गोपनीय राजनीतिक डाटा को जब्त कर लिया और इससे ‘‘मनमाने और दुर्भावनापूर्ण तरीके से सत्ता के दुरुपयोग’’ का पता चलता है।
न्यूज एजेंसी PTI ने याचिका के हवाले से बताया कि में जांच एजेंसी की तरफ से आठ जनवरी को धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 17 के तहत की गई तलाशी और जब्ती कार्रवाई का जिक्र है।
ED ने दावा किया कि ये अभियान कथित तौर पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले की जांच का हिस्सा थे।
टीएमसी ने अपनी याचिका में कहा, ‘‘जब्त की गई सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक डाटा में गोपनीय राजनीतिक डाटा/जानकारी/दस्तावेज शामिल हैं, जो आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार में उपयोग की जाने वाली अभियान रणनीति, आंतरिक आकलन, शोध सामग्री, संगठनात्मक समन्वय और मतदाता सूची से संबंधित डाटा से जुड़े हैं।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘उक्त सामग्रियों का किसी भी अपराध या कथित अपराध की आय से कोई प्रत्यक्ष और यहां तक कि दूरस्थ संबंध भी नहीं है, और ये धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 के अंतर्गत जांच के दायरे में नहीं आती हैं।’’
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ईडी की कार्रवाई का उद्देश्य जांच के बहाने ‘‘एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के साफ इरादे से याचिकाकर्ता के मतदाता सूची प्रबंधन, अभियान योजना और राजनीतिक रणनीति तक गैरकानूनी रूप से पहुंच बनाना और उसे नियंत्रित करना’’ था।
इसने कहा, ‘‘इस प्रकार की कार्रवाई याचिकाकर्ता के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार और अनुच्छेद 19 के तहत लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सार्थक रूप से भाग लेने के संवैधानिक अधिकार का अनुचित उल्लंघन है।’’
कोलकाता में ED रेड के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बृहस्पतिवार को ईडी की छापेमारी के बीच आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर पहुंची थीं और आरोप लगाया था कि केंद्रीय एजेंसी तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और उसकी चुनाव रणनीति से जुड़े संवेदनशील डेटा को जब्त करने का प्रयास कर रही थी।
बनर्जी कुछ समय तक वहां रहीं और फिर हाथ में हरे रंग का एक 'फोल्डर' लेकर बाहर निकलीं।
ईडी ने बनर्जी पर एक वैध जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया था और दावा किया था कि उन्होंने और राज्य पुलिस ने छापेमारी के दौरान जबरन "महत्वपूर्ण सबूत" हटा दिये।
ईडी ने भी अपनी जांच में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है और इस मामले की सुनवाई टीएमसी की याचिका के साथ संयुक्त रूप से अदालत द्वारा की जाएगी।