25 फरवरी 2020... दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रही थी। हर तरफ डर, अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल था। इसी बीच इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में सिक्योरिटी असिस्टेंट 26 वर्षीय अंकित शर्मा अपने घर से बाहर निकले। लेकिन उस दिन उनका लौटना नसीब नहीं हुआ। कुछ ही समय बाद उनकी मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया।बता दें कि, दिल्ली में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस में कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार 13 जुलाई को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार दिया है। इस मामले में कुल 11 आरोपी ट्रायल का सामना कर रहे थे, जिनमें से छह आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया. ताहिर हुसैन के साथ नाजिम, जावेद, कासिम और अनस को भी दोषी करार दिया गया है।
बेहरहमी से की गई थी हत्या
बता दें कि, अंकित शर्मा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में सिक्योरिटी असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे थे। 2017 में, ऑफिसर इंटेलिजेंस ब्यूरो में शामिल हुए थे। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी के विरोध और समर्थन को लेकर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली सुलग रही थी। चांद बाग, खजूरी खास, और मुस्तफाबाद जैसे इलाके हिंसा की आग में झुलस रहे थे। इसी खौफ के बीच, आईबी में तैनात 26 साल के अंकित शर्मा 25 फरवरी की शाम को अपने दफ्तर से घर लौटे थे। घर के बाहर माहौल बेहद तनावपूर्ण था। वे चांद बाग पुलिया के पास पहुंचे थे, जहां उपद्रवियों का तांडव चल रहा था।
शाम के वक्त अचानक चांद बाग पुलिया के पास स्थित एक मस्जिद और ताहिर हुसैन के घर के पास सक्रिय हिंसक भीड़ ने अंकित शर्मा को घेर लिया। अंकित शर्मा ने भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बेरहमी से घसीटते हुए ताहिर हुसैन के घर के पास ले जाया गया। वहां उन पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए गए और हत्या के बाद उनकी लाश को पास के ही खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया।
शरीर के 51 जगहों पर मिले चोटों के निशान
अंकित शर्मा के पिता रवींद्र कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आईबी में तैनात अंकित 25 फरवरी 2020 को अपने दफ्तर से घर वापस आए थे। इसके कुछ देर बाद वह दोबारा बाहर गए, लेकिन जब वह काफी वक्त तक वापस नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनकी हत्या कर शव को चांद बाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया था। पिता रवींद्र कुमार ने प्राथमिकी में सीधा आरोप लगाया था कि उनके बेटे अंकित की हत्या पूर्व पार्षद ताहीर हुसैन और उसके साथियों ने की है। अंकित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, अंकित शर्मा पर अत्यंत क्रूरता से हमला किया गया था। उनके शरीर पर 51 जगहों पर चोटों के निशान थे।