IIM Nagpur News: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) नागपुर में विरोध की लहर तेज हो गई है। करीब 300 फर्स्ट-ईयर MBA स्टूडेंट्स ने अपना मिड-टर्म एग्जाम देने से मना कर दिया है। उनका यह कदम 40 साथियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए उठाया गया है। 40 छात्रों को फेयरवेल गैदरिंग में शामिल होने की वजह से डिसिप्लिनरी कार्रवाई के बाद एग्जाम से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद IIM नागपुर के MBA फर्स्ट-ईयर के लगभग 300 छात्रों ने इंस्टीट्यूट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
एक अधिकारी ने बुधवार (25 फरवरी) को बताया कि 300 छात्रों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए विदाई पार्टी में शामिल हुए 40 सीनियर स्टूडेंट्स को परीक्षा में बैठने से रोके जाने के विरोध में अपनी मिडटर्म एग्जाम का बहिष्कार किया है। फर्स्ट और सेकंड-ईयर बैच के लगभग 75 छात्र 21 फरवरी की रात को सीनियर स्टूडेंट्स के लिए आयोजित विदाई पार्टी में बिना अनुमति के गए और अगली सुबह इंस्टीट्यूट कैंपस स्थित अपने हॉस्टल लौटे।
नागपुर स्थित आईआईएम के अधिकारी ने बताया कि इन छात्रों को रात 10 बजे तक वापस आ जाना चाहिए था। लेकिन वे देर से आए। उन्होंने बताया कि इन छात्रों ने अपने माता-पिता को भी देरी से आने के बारे में सूचित नहीं किया। उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने के कारण संस्थान ने बाहर गए फर्स्ट ईयर के 40 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्हें मंगलवार को होने वाली मध्यावधि परीक्षा में बैठने से रोक दिया।
अधिकारी ने बताया कि हालांकि, परीक्षा में बैठने से रोके गए 40 छात्रों सहित फर्स्ट ईयर के लगभग 300 छात्रों ने संस्थान में इस कार्रवाई के खिलाफ मौन विरोध प्रदर्शन किया। वे परीक्षा में शामिल नहीं हुए। उन्होंने बताया कि विरोध प्रदर्शन में विदाई पार्टी में गए सेकंड ईयर के कुछ छात्र भी शामिल हुए क्योंकि उन्हें भय था कि बुधवार को उन्हें भी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अधिकारी के अनुसार, जब यह घटना घटी तब इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर शहर से बाहर थे। उन्होंने बताया कि अब मामला सुलझ गया है। सेकंड-ईयर MBA स्टूडेंट्स ने बुधवार को अपने फाइनल सेमेस्टर के एग्जाम दिए। उन्होंने कहा कि फर्स्ट-ईयर के जिन 300 स्टूडेंट्स ने एग्जाम का बहिष्कार किया था, उनकी परीक्षा बाद में आयोजित की जाएगी।
प्रोटेस्ट में सिर्फ फर्स्ट-ईयर के स्टूडेंट्स ही नहीं, बल्कि दूसरे साल के कई स्टूडेंट्स भी शामिल हुए। उन्होंने डर जताया कि उन पर भी पेनल्टी लग सकती है। साथ ही उन्हें आने वाले एग्जाम से बाहर किया जा सकता है। यह तब हुआ जब फर्स्ट और सेकंड-ईयर दोनों बैच के 75 स्टूडेंट्स 21 फरवरी को एक सीनियर सेंड-ऑफ इवेंट में शामिल हुए। इस ऑफ-कैंपस एक्टिविटी के लिए परमिशन नहीं ली गई थी।