23 सितंबर की रात टकराएगा चक्रवाती दबाव, 12 घंटों में बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन बनेगा डीप डिप्रेशन! इन 8 राज्यों के लिए अलर्ट जारी

IMD Weather Alert: मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती दबाव अगले 12 घंटों में डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद यह 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट से टकरा सकता है

अपडेटेड Sep 22, 2026 पर 12:39 PM
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IMD Weather Alert: आईएमडी ने अगले 12 घंटों के दौरान चक्रवाती दबाव और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाने की चेतावनी दी है (Photo: Canva)

IMD Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती दबाव (डिप्रेशन) अब और ज्यादा खतरनाक रूप लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के एक विशेष बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना यह डिप्रेशन पिछले 6 घंटों के दौरान 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। आज सुबह 5:30 बजे यह डिप्रेशन अक्षांश 17.9°N और देशांतर 86.3°E के पास स्थित था। यह ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 220 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 220 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 230 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 320 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह चक्रवाती दबाव और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच एक डीप डिप्रेशन के रूप में विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से देश के 8 राज्यों में भीषण बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी


चक्रवाती दबाव के सीधे असर की वजह से ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश (यणम सहित) में मौसम सबसे ज्यादा बिगड़ेगा। ओडिशा में 22 सितंबर को ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं 23 और 24 सितंबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होगी जबकि दक्षिणी ओडिशा में कुछ जगहों पर बहुत भारी और अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 25 सितंबर को भारी से बहुत भारी और 26 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 सितंबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 23 और 24 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश व यणम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश, जबकि उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके बाद 25 सितंबर को भी तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है।

छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश का मौसम

इस चक्रवाती सिस्टम का असर मध्य भारत तक देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 22 सितंबर को भारी बारिश, 23 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 24 सितंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। राज्य में 25 और 26 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश जारी रहने का अलर्ट है। तेलंगाना में 22, 23 और 24 सितंबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 25 सितंबर को अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 और 24 सितंबर को भारी बारिश होगी, जो 25 और 26 सितंबर को और बढ़कर बहुत भारी बारिश में बदल सकती है। वहीं विदर्भ क्षेत्र में 23 से 26 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल पर भी असर

पूर्वी भारत के दूसरे राज्यों में झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल शामिल हैं, जहां इस चक्रवाती दबाव की वजह से लगातार बारिश होगी। झारखंड में 22 से 26 सितंबर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होगी। राज्य में 24 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक कई जगहों पर भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। यहां भी 24 सितंबर को अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

समुद्र में तूफानी हवाओं और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में इस डिप्रेशन के कारण समुद्र की स्थिति बेहद उग्र और तूफानी बनी हुई है। वर्तमान में पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रहे हैं। 22 सितंबर की शाम से हवा की गति बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) और 23 सितंबर से 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी प्रति घंटे (झोंके 75 किमी प्रति घंटे) तक पहुंचने की संभावना है।

उत्तर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों में 22 सितंबर की सुबह से 45 से 55 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल रही हैं, जो 23 सितंबर को बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) हो जाएंगी। तटीय इलाकों की बात करें तो दक्षिणी ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के तटों पर 22 सितंबर की तड़के से ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम शुरू हो चुका है। यह आज शाम से बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) और 23 सितंबर की तड़के से 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी प्रति घंटे (झोंके 75 किमी प्रति घंटे) तक पहुंच जाएगा, जिसके बाद धीरे-धीरे कमी आएगी।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश व यणम के तटीय इलाकों में 23 और 24 सितंबर के दौरान 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) की गति से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

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