भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी लेटेस्ट वेदर बुलेटिन के मुताबिक देश इस समय मौसम के दोहरे और बेहद चरम रूप का सामना कर रहा है। एक तरफ जहां दिल्ली, यूपी और राजस्थान समेत उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भीषण लू का कहर जारी है, वहीं दक्षिण में केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून पूरी तरह रफ्तार पकड़ चुका है। मौसम विभाग ने लू को लेकर नई तारीखों और तापमान में होने वाले बदलावों का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। आइए जानते हैं कि आपके राज्य में लू का प्रकोप कब तक रहेगा और बारिश की क्या स्थिति है।
दिल्ली, यूपी और राजस्थान में लू (Heat Wave) कब तक?
मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों को अभी कुछ और दिन चिलचिलाती गर्मी का सामना करना पड़ेगा। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में 10 और 11 जून को गंभीर लू चलने की आशंका है। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 जून को लू का असर देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक 11 जून की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत में सक्रिय होगा। इसके असर से 12 और 13 जून को तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट आएगी, जिससे दिल्ली-यूपी समेत पूरे उत्तर भारत को लू से बड़ी राहत मिलेगी।
केरल में मानसून का तांडव: 2 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट'
उधर दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में पूरी तरह सक्रिय है। पिछले दिनों उत्तरी जिलों में भारी तबाही मचाने के बाद आज मौसम विभाग ने केरल के अलाप्पुझा और एर्नाकुलम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि इन क्षेत्रों में 11 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, कोट्टायम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड समेत केरल के 11 जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
बिहार, बंगाल और ओडिशा में उमस और 50kmph की आंधी
पूर्वी भारत में प्री-मानसून और मानसून की एंट्री के कारण मौसम का मिजाज बदला हुआ है-
बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल: इन दोनों राज्यों में आज 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।
भारी बारिश वाले राज्य: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, तटीय कर्नाटक, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अगले 2-3 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी.
उमस का टॉर्चर: ओडिशा के साथ-साथ कोंकण और गोवा में 10 और 11 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहेगा, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी बेचैनी का सामना करना पड़ेगा.
अल नीनो का भी खतरा, 197 जिले संवेदनशील घोषित
उधर अल नीनो का खतरा भी भारत में बारिश की स्थिति को लेकर आशंकाएं खड़ी कर रहा है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश में मानसून और कृषि की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की है। सरकार ने माना है कि इस साल अल नीनो (El Nino) का खतरा बना हुआ है, जो मानसून को कमजोर कर सकता है। सरकार ने देश के 197 जिलों की पहचान की है जो अल नीनो के प्रभाव से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि मंत्रालय देशव्यापी खेत बचाओ अभियान चला रहा है। आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्यों के आधार पर कंटीजेंसी प्लान (आकस्मिक योजना) तैयार कर ली गई है और पर्याप्त मात्रा में बीज व कृषि इनपुट का स्टॉक जमा कर लिया गया है।
आईएमडी ने इस साल के दक्षिण-पश्चिम मानसून को दीर्घकालिक औसत (LPA) का 90 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। यह'सामान्य से कम' श्रेणी में आता है। मौजूदा समय में मानसून ने देश के 20 से 30 प्रतिशत हिस्से को कवर कर लिया है और 15 जुलाई तक इसके पूरे देश में छा जाने की उम्मीद है।