उत्तर प्रदेश के लिए इस साल मानसून को लेकर बड़ी खुशखबरी आई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस बार मानसून न केवल केरल में समय से पहले दस्तक दे रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश में भी इसके समय से पहले आने की संभावना प्रबल हो गई है। भारत की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए लाइफलाइन माना जाने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस साल भारतीय तटों पर जल्द दस्तक देने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून अपनी सामान्य तारीख (01 जून) से 5 दिन पहले, यानी 26 मई को केरल पहुंच सकता है। इसमें ±4 दिनों का मॉडल एरर (हेरफेर) संभव है। ऐसे में यूपी के लिए भी मानसून का इंतजार छोटा हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में कब आएगा मानसून?
उत्तर प्रदेश में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 18 जून है । प्रदेश के अलग-अलग शहरों में इसके पहुंचने की संभावित तारीखें कुछ इस तरह हैं-
खेती के लिए बड़ी राहत, लेकिन कम बारिश का अनुमान
समय से पहले मानसून आने की खबर से किसानों में खुशी है, क्योंकि इससे धान, मक्का, सोयाबीन और गन्ने जैसी फसलों की बुवाई जल्द शुरू हो सकेगी। भारत की लगभग $4 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लिए मानसून बेहद अहम है क्योंकि देश की 70% वर्षा इसी सीजन में होती है। हालांकि, IMD ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष मानसून की बारिश औसत से कम रह सकती है । 2026 में बारिश 50 साल के औसत का 92% से 95% रहने का अनुमान है। यह भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
मानसून आने में अभी समय है और इस बीच यूपी के कई जिलों में भीषण गर्मी का अलर्ट है। लखनऊ मौसम केंद्र के अनुसार, 15 से 19 मई के बीच बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, झांसी और ललितपुर जैसे जिलों में Heat Wave चलने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी है।