IMD Weather Alert: देश में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर शांत होने के तुरंत बाद अब समुद्री और तटीय इलाकों में एक नया तूफानी तंत्र आकार लेता दिख रहा है। IMD ने अपने जारी मौसम बुलेटिन में देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी तेज हवाएं चलेंगी। आईएमडी के मुताबिक ये सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है।
मौसम विभाग ने दिया इन राज्यों में अलर्ट
1-अरुणाचल प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल व माहे के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
2-ओडिशा के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा) चलने की प्रबल संभावना है।
3- आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा) चलने की प्रबल संभावना है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।
4- छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल और विदर्भ के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की प्रबल संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं
दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी हिस्सों में तूफानी मौसम है, जहां हवा की गति 65-75 किमी प्रति घंटा है और झोंकों के साथ यह 85 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में भी तूफानी हवाएं चल रही हैं, जिनकी गति 65-75 किमी प्रति घंटा है और झोंकों के साथ यह 85 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों के पास और तटीय इलाकों में भी तूफानी मौसम है, जहां हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटा है और झोंकों के साथ यह 60 किमी प्रति घंटा तक पहच सकती है।
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 4 नवंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 31 अक्टूबर और 4 नवंबर को तेज हवाएं चल सकती हैं। विदर्भ में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को कुछ जगहों पर बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा- भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ गिर सकते हैं और कच्चे मकानों व कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। कई जगहों पर जलभराव होने के साथ निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की जानकारी लेते रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह रहें। साथ ही बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे न रुकें और बिजली के उपकरणों से दूर रहने को कहा है।