Weekly Weather Forecast: मानसून ने बढ़ाई रफ्तार! इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, यूपी में आंधी-तूफान के साथ बरसेंगे बादल
IMD Weekly Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटों में मानसून केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप तथा बंगाल की खाड़ी के और अधिक क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है। दक्षिण और पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। जबकि उत्तर भारत में आंधी-तूफान, बारिश और कुछ क्षेत्रों में हीटवेव की दोहरी चुनौती बनी रह सकती है
IMD Heavy Rain Alert: पश्चिमी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में आज प्रचंड लू चलने की आशंका है
IMD Weekly Weather Forecast: दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 ने अब रफ्तार पकड़ ली है। मानसून अब आगे बढ़ते हुए अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में अपनी मौजूदगी मजबूत कर ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटों में मानसून केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप तथा बंगाल की खाड़ी के और अधिक क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है। दक्षिण और पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। जबकि उत्तर भारत में आंधी-तूफान, बारिश और कुछ क्षेत्रों में हीटवेव की दोहरी चुनौती बनी रह सकती है।
इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने केरल और माहे में 3 से 9 जून तक कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर जारी
असम-मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले एक सप्ताह तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है। असम और मेघालय में 8 और 9 जून को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
उत्तर भारत में बिजली और ओलावृष्टि का खतरा
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है।
मध्य भारत
मौसम विभाग के मुताबिक, 3 से 5 जून के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में गरज, बिजली और तेज हवाओं (गति 50-60 किमी प्रति घंटा तक) के साथ छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 4 जून को पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में और 4-5 जून के दौरान छत्तीसगढ़ में ऐसी स्थिति रहेगी। इसके अलावा, 6-7 जून के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज हवाएं (गति 40-50 किमी प्रति घंटा तक) चलने की आशंका है।
यूपी के लिए क्या है पूर्वानुमान?
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 6 जून के बीच गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है। हालांकि 7 जून के बाद फिर से गर्मी बढ़ सकती है।
बिहार और यूपी में हीटवेव का अलर्ट
बिहार में 5 से 9 जून तक हीटवेव की आशंका है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 9 जून तक हीटवेव का खतरा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 और 9 जून को लू चल सकती है।
बीते 24 घंटे का मौसम
पिछले 24 घंटों के दौरान अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, केरल, तटीय कर्नाटक, लक्षद्वीप और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। कई राज्यों में तेज आंधी और गरज-चमक भी देखने को मिली।
तापमान का हाल
देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस Khammam में दर्ज किया गया। जबकि मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस Haflong में रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। जल्द ही दक्षिण भारतीय राज्यों में भारी बारिश की शुरुआत हो सकती है।
कब दस्तक देगा मानसून?
केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून चार जून के आसपास दस्तक दे सकता है। केरल में मानसून आम तौर पर एक जून के आसपास पहुंच जाता है, जिसे दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम (जून-सितंबर) की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। पूर्वानुमान के मुताबिक, मानसून दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों तथा दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के बाकी भागों में भी इसी तारीख के आसपास आगे बढ़ेगा।
IMD ने पहले अनुमान जताया था कि केरल में मानसून की दस्तक 26 मई के आसपास होगी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। बाद में विभाग ने 29 मई को कहा कि मानसून अगले हफ्ते पहुंच सकता है। पिछले हफ्ते विभाग ने अपने संशोधित पूर्वानुमान में कहा कि इस बार मानसूनी बारिश सामान्य से कम रहेगी। मौसम विभाग ने कहा कि भारत में इस साल दीर्घकालिक औसत (एलपीए) की 90 फीसदी बारिश होने की संभावना है।
देशभर में मौसमी बारिश का औसत एलपीए 87 सेंटीमीटर है, जो 1971 से 2020 तक के आंकड़ों पर आधारित है। सामान्य से कम बारिश का एक कारण अल-नीनो की स्थिति का उभरना हो सकता है, जिसके चलते देश में मानसून के मौसम में कम पानी बरसता है। मौजूदा समय में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में तटस्थ अल नीनो-दक्षिणी दोलन की स्थितियां 'अल नीनो' की स्थितियों में तब्दील हो रही हैं।