भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) जम्मू के नौवें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए ICICI बैंक के CEO संदीप बख्शी ने गुरुवार को कहा कि भारत एक "गोल्डीलॉक्स मोमेंट" में है,जिसकी पहचान मज़बूत आर्थिक विकास और बढ़ते वैश्विक भरोसे से होती है। यह एक संतुलित और लचीले आर्थिक माहौल को दिखाता है। उन्होंने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने, कार्यकुशलता बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में इनोवेशन को प्रोत्साहित करने में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (जिसमें आधार और UPI शामिल हैं। की भारी सकारात्मक बदलाव लाने वाली भूमिका पर प्रकाश डाला।
दीक्षांत समारोह के विभिन्न कार्यक्रमों के कुल 520 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इसमें MBA प्रोग्राम के 289 छात्र, MBA (हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन और हेल्थकेयर मैनेजमेंट) के 77, Executive MBA के 31, इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (IPM) के 123 और IPM के तीसरे बैच (2023-2026) के 121 छात्र शामिल थे। यह संस्थान और उसके स्टेक होल्डरें के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण था।
बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर बख्शी ने कहा,“भारत अभी एक ‘गोल्डीलॉक्स मोमेंट’ में है,जहां मज़बूत आर्थिक विकास,मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता और दुनिया भर में बढ़ता भरोसा एक संतुलित और टिकाऊ तरीके से एक साथ नजर आ रहे हैं।”
बैंकिंग इंडस्ट्री के विकास पर बात करते हुए,उन्होंने पारंपरिक मॉडलों से हटकर टेक्नोलॉजी-आधारित,डेटा-सेंट्रिक सिस्टमस की ओर हुए बदलाव का ज़िक्र किया,जो भरोसे और बेहतर गवर्नेंस की बुनियाद पर बना हैं।
अपने व्यापक अनुभव के आधार पर,उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हालांकि यह देश अपार अवसर प्रदान करता है,फिर भी निरंतर सफलता दृढ़ता,अनुकूलनशीलता और सही नजरिए पर निर्भर करती है।
उन्होंने इंस्टीट्यूट,फेकल्टी और परिवारों के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की और स्नातकों को भारत की निरंतर आर्थिक वृद्धि तथा वैश्विक उत्थान में सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
IIM जम्मू के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स के चेयरमैन,पद्म श्री मिलिंद पी. कांबले ने कहा कि भारत का उदय केवल एक बड़ी अर्थव्यवस्था बनने तक ही सीमित नहीं है,बल्कि इसका उद्देश्य मज़बूत उद्योगों का निर्माण करना,AI साक्षरता को बढ़ावा देना और शिक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जोड़ना है।