‘ये गंभीर बात...इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता’, भारत ने बांग्लादेश को अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर दी कड़ी चेतावनी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवालने हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने बताया कि दीपू चंद्र दास को बिना किसी आधार के ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और फिर आग लगा दी

अपडेटेड Dec 26, 2025 पर 6:16 PM
Story continues below Advertisement
भारत ने शुक्रवार को बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर गहरी चिंता जताई।

भारत ने शुक्रवार को बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर गहरी चिंता जताई। भारत ने कहा कि हिंदू, ईसाई और बौद्ध समुदायों समेत अल्पसंख्यकों पर चरमपंथी तत्वों द्वारा की जा रही लगातार हिंसा बेहद निंदनीय है। इसे राजनीतिक हिंसा बताकर या मीडिया की बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई बात कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

भारत ने कही ये बात

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवालने हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने बताया कि दीपू चंद्र दास को बिना किसी आधार के ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और फिर आग लगा दी। जायसवाल ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी और उन्हें कानून के सामने लाया जाएगा।


हिन्दुओं पर हिंसा पर उठाए सवाल

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा बेहद चिंता की बात है। उन्होंने हाल ही में एक हिंदू युवक की हत्या की कड़ी निंदा की और कहा कि भारत को उम्मीद है कि इस मामले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत लगातार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताता रहा है और इन घटनाओं पर बांग्लादेश की ओर से पेश किए जा रहे “झूठे नैरेटिव” को सिरे से खारिज करता है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की करीब 2,900 घटनाएं सामने आई हैं। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवालने कहा कि भारत पहले भी बयान जारी कर चुका है और बांग्लादेश द्वारा इन मामलों में पेश किए गए भ्रामक दावों को पहले ही खारिज कर चुका है।

चुनावों से पहले 17 साल बाद बांग्लादेश नेशनल पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान की बांग्लादेश वापसी पर पूछे गए सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवालने कहा कि नई दिल्ली बांग्लादेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम को भी उसी नजरिए से देखा जाना चाहिए। अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर भारत के लंबे समय से चले आ रहे रुख को दोहराते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि भारत हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है। साथ ही भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश सरकार अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करेगी और धर्म की परवाह किए बिना सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

बांग्लादेश में हो रहे हिंसक प्रदर्शन 

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की यह टिप्पणी उस समय आई है, जब बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। ये घटनाएं सिंगापुर में जुलाई विद्रोह के आयोजक शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हुईं। इंकलाब मंच के संयोजक हादी को 12 दिसंबर को ढाका में सिर में गोली लगी थी, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद कई जगहों पर हिंसा भड़क उठी, जहां मीडिया संस्थानों, सांस्कृतिक केंद्रों और राजनीतिक दफ्तरों पर हमले किए गए। मेहमसिंह में कथित ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला और फिर उसके शव को जला दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, मारने के बाद शव को एक पेड़ से लटकाया गया और आग लगा दी गई।

वहीं भालुका में मौजूद भीड़, जिसमें कई लोग उसे पहचानते भी थे, ने इस पूरी घटना को रोकने के बजाय अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड किए। यह घटनाक्रम इलाके में बढ़ती हिंसा और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।