Jaishankar: 'भारत अपनी तरक्की खुद तय करता है, हम दूसरों की गलती का नतीजा नहीं', EAM जयशंकर का अमेरिका को तीखा जवाब

EAM Jaishankar: अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडौ ने कहा था कि अमेरिका भारत के साथ वही 'गलती' नहीं दोहराएगा जो उसने 20 साल पहले चीन के साथ की थी। जयशंकर ने बिना किसी का नाम लिए लैंडौ के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने ये भी कहा कि भारत की विकास यात्रा को अब रोका नहीं जा सकता

अपडेटेड Mar 08, 2026 पर 11:06 AM
Story continues below Advertisement
जयशंकर का यह बयान अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी लैंडौ के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने भारत की तुलना चीन से कर दी थी

EAM S Jaishankar: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा है। रायसीना डायलॉग के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का उभार 'अजेय' है और देश अपनी विकास यात्रा अपनी ताकत के दम पर तय करेगा, न कि किसी दूसरे देश की मेहरबानी या 'गलती' के आधार पर। एस. जयशंकर का यह बयान अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडौ के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने भारत की तुलना चीन से कर दी थी।

चीन वाली गलती नहीं दोहराएगा अमेरिका

अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडौ ने कहा था कि अमेरिका भारत के साथ वही 'गलती' नहीं दोहराएगा जो उसने 20 साल पहले चीन के साथ की थी। लैंडौ के अनुसार, अमेरिका ने चीन को आर्थिक फायदे दिए जिससे वह एक बड़ा प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका भारत को उस स्तर तक बढ़ने की छूट नहीं देगा जहां वह अमेरिकी बाजारों और व्यापार में उसे मात देने लगे। लैंडौ ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी विदेश नीति 'अमेरिका फर्स्ट' पर आधारित है और अमेरिका कोई 'खैराती संस्था' नहीं है।


एस. जयशंकर का 'नहले पर दहला'

जयशंकर ने बिना किसी का नाम लिए लैंडौ के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'जब हम आज देशों के उदय की बात करते हैं... तो किसी देश का उदय खुद उस देश द्वारा निर्धारित होता है। भारत का उदय भारत ही तय करेगा।' उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि भारत की प्रगति हमारी अपनी मजबूत बुनियाद और ताकत का परिणाम होगी, न कि 'दूसरों की गलतियों' का नतीजा। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा को अब रोका नहीं जा सकता।

'भारत किसी महाशक्ति के अप्रूवल का मोहताज नहीं'

अमेरिकी दूत लैंडौ ने भारत-अमेरिका के बीच होने वाली व्यापारिक डील का समर्थन तो किया, लेकिन इसके साथ-साथ उन्होंने एक चेतावनी भी दी। लैंडौ ने कहा कि भारत को समझना चाहिए कि अमेरिका उसे हर बाजार में घुसने दे और फिर अमेरिका को ही व्यापार में हराने की अनुमति नहीं देगा। जयशंकर का बयान उनकी इसी सोच पर प्रहार था, जो यह बताता है कि भारत अपनी आर्थिक नीतियों और विकास के लिए किसी महाशक्ति के 'अनुमोदन' का मोहताज नहीं है।

यह भी पढ़ें- Donald Trump: खाड़ी में जारी भीषण युद्ध के बीच रूस से तेल खरीदेगा भारत! ट्रंप बोले- 'दबाव कम करने के लिए दी 30 दिनों की छूट'

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।