Ebola का प्रकोप, बहुत जरूरी न हो तो न जाएं ये तीन देश, सरकार ने दी सलाह

India issues travel advisory: सरकार समय-समय पर खतरों को देखते हुए बिना जरूरत कुछ देशों के सफर को लेकर मना करती है। अब एक बार फिर सरकार ने ट्रैवल एडवायजरी जारी की है जिसमें तीन देशों के सफर पर बिना बहुत जरूरत के नहीं जाने की सलाह दी है। जानिए ये देश कौन-कौन से हैं

अपडेटेड May 24, 2026 पर 12:25 PM
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India issues travel advisory: सरकार ने अफ्रीका में इबोला (Ebola) वायरस के प्रकोप को देखते हुए भारतीय नागरिकों को डेमोक्रेटिक रिपल्बिक ऑफ द कांगो (Democratic Republic of the Congo), युगांडा (Uganda) और दक्षिणी सूडान (South Sudan) के गैर-जरूरी सफर से बचने की सलाह दी है। (File Photo- Pexels)

India issues travel advisory: भारत सरकार ने अफ्रीका में इबोला (Ebola) वायरस के प्रकोप को देखते हुए भारतीय नागरिकों को डेमोक्रेटिक रिपल्बिक ऑफ द कांगो (Democratic Republic of the Congo), युगांडा (Uganda) और दक्षिणी सूडान (South Sudan) के गैर-जरूरी सफर से बचने की सलाह दी है। मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर ने शनिवार को जारी प्रेस रिलीज में जिक्र किया है कि WHO (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) द्वारा कांगो और युगांडा में फैले इबोला प्रकोप को इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशंस (2005) के तहत पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न घोषित करने के बाद यह ट्रैवल एडवायजरी दी जा रही है। अफ्रीका सेंटर्स फॉ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने भी इस प्रकोप को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ कंटिनेंटल सिक्योरिटी की कैटेगरी में रखा है।

क्या कहना है WHO का?

डब्ल्यूएचओ ने 17 मई 2026 को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कॉन्गो और युगांडा में इबोला के प्रकोप को लेकर इमरजेंसी का ऐलान किया है। WHO की आईएचआर इमरजेंसी कमेटी ने 22 मई 2026 को टेंपररी सिफारिशें जारी की जिसमें इंटरनेशनल एंट्री प्वाइंट्स यानी कि दूसरे देशों से आने वाले रास्तों पर निगरानी मजबूत करने को कहा है ताकि Bundibugyo वायरस से प्रभावित इलाकों से आने वाले लोगों की निगरानी की जाए। साथ ही प्रभावित इलाकों में सफर से बचने की भी सिफारिश की गई है।


क्या कहना है भारत सरकार का?

सरकार का कानना है कि कांगो और युगांडा से लगे देश जैसे कि दक्षिणी सूडान भी संक्रमण को लेकर हाई रिस्क वाले जोन में है। मिनिस्ट्री के मुताबिक इबोला रोग एक गंभीर वायरल हेमरेजिक फीवर है, जो इबोला वायरस के Bundibugyo स्ट्रेन से होता है। इस बीमारी का मोर्टिलिटी रेट काफी हाई है यानी कि यह बहुत जानलेवा है। परेशान करने वाली बात ये है कि फिलहाल इस स्ट्रेन से होने वाले संक्रमण की रोकथाम या इलाज के लिए कोई वैक्सीन या खास दवा उपलब्ध नहीं है। भारत में फिलहाल इस स्ट्रेन से होने वाले इबोला रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है। सरकार ने बिना जरूरत कांगो, युगांडा और दक्षिणी सूडान नहीं जाने की सलाह नहीं दी गई है तो जो भारतीय नागरिक इन देशों में रह रहे हैं या यात्रा कर रहे हैं, उन्हें स्थानीय अधिकारियों के हेल्थ गाइडेंस को सख्ती से मानने को कहा गया है।

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