Operation Urja: मिडिल ईस्ट में संघर्ष तेज होने के साथ ही, भारत ने होर्मुज स्ट्रेट से निकलने के बाद भारत आने वाले अपने कार्गों जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'ऑपरेशन ऊर्जा' शुरू किया। गौरतलब है कि संघर्ष की शुरुआत से ही ईरानी सेना अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़े जहाजों पर हमले कर रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत ने अपनी ऊर्जा लाइफलाइन की सुरक्षा के लिए होर्मुज के पास पांच से अधिक नौसैनिक युद्धपोत तैनात किए हैं।
बता दें कि बुधवार को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए भारत को मित्र देशों की सूची में शामिल किया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित "मित्र देशों" के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति देगा।
मौजूदा संघर्ष के बीच भारत जा रहे 22 से अधिक जहाज, जिनमें लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG), लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) और कच्चा तेल भरा हुआ है, जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं। इसके अलावा, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए पानी के नीचे बारूदी सुरंगों का खतरा भी मंडरा रहा है।
खबरों के मुताबिक, भारतीय नौसेना होर्मुज से निकलकर भारत की ओर जाने वाले जहाजों के साथ लगातार संपर्क में है।
मंगलवार को दो LPG टैंकर युद्ध प्रभावित होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजरे। इन टैंकरों के 28 मार्च तक भारत पहुंचने की उम्मीद है। ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ नाम के ये LPG टैंकर देश की लगभग एक दिन की खाना पकाने की गैस की आपूर्ति लेकर जा रहे हैं। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इन जहाजों पर 33 और 27 भारतीय नाविक सवार हैं। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि दोनों जहाज 92,612 टन LPG लेकर जा रहे हैं।
बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा जलमार्ग है। यह जलडमरूमध्य तेल और गैस उत्पादक खाड़ी देशों को दुनिया के बाकी हिस्सों से जोड़ता है, और कुल ऊर्जा व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से होता है।
28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में सैकड़ों जहाज फंसे हुए थे। हालांकि, भारत के राजनयिक प्रयासों के बाद, दो भारतीय जहाज - शिवालिक और नंदा देवी - सुरक्षित रूप से होर्मुज पार करके गुजरात पहुंच गए।