मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत को मिली बड़ी राहत, अब होर्मुज से निकल सकेंगे भारतीय जहाज; ईरान ने 'शर्त' के साथ दी इजाजत

Strait Of Hormuz: ईरान ने साफ कर दिया है कि रास्ता तभी मिलेगा जब जहाज उनकी शर्तों को मानेंगे। केवल उन्हीं जहाजों को जाने दिया जाएगा जो ईरान के खिलाफ किसी कार्रवाई में शामिल नहीं हैं। जहाजों को ईरान द्वारा तय किए गए कड़े सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा

अपडेटेड Mar 26, 2026 पर 8:17 AM
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ईरान के 'फ्रेंडली देशों' की लिस्ट में भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान शामिल है

Abbas Araghchi: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि भारत समेत उसके 'फ्रेंडली देशों' के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, यह राहत पूरी तरह मुफ्त नहीं होगी। साथ ही ईरान ने इसके लिए 'सुरक्षा समन्वय' की एक कड़ी शर्त भी रखी है।

'दोस्त' देशों की लिस्ट में भी है भारत शामिल

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हवाले से मुंबई स्थित ईरानी दूतावास ने जानकारी दी है कि कुछ खास देशों के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। इस लिस्ट में भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देश शामिल हैं। युद्ध के कारण इस रास्ते पर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, वह भारतीय तेल और गैस टैंकरों के लिए थोड़ी कम होगी।


'दोस्ताना' व्यवहार के साथ तालमेल जरूरी

ईरान ने साफ कर दिया है कि रास्ता तभी मिलेगा जब जहाज उनकी शर्तों को मानेंगे। केवल उन्हीं जहाजों को जाने दिया जाएगा जो ईरान के खिलाफ किसी कार्रवाई में शामिल नहीं हैं। ईरान की डिफेंस काउंसिल के अनुसार, अब होर्मुज से गुजरने वाले हर जहाज को ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाना होगा और पहले से सूचना देनी होगी। जहाजों को ईरान द्वारा तय किए गए कड़े सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

भारत के लिए क्यों जरूरी है 'होर्मुज'?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों जैसे- कच्चा तेल और एलपीजी के लिए इसी समुद्री रास्ते पर निर्भर है। सप्लाई रुकने की वजह से देश में कुकिंग गैस और तेल की किल्लत देखने को मिल रही है। बता दें कि युद्ध शुरू होने के बाद से भारत के 24 जहाज होर्मुज में फंसे थे जिनमें से 4 जहाजों को निकाला जा चुका है। ईरान के इस फैसले से भारतीय शिपिंग कंपनियों को थोड़ी राहत तो मिली है, लेकिन 'कोऑर्डिनेशन' की शर्त और 'नॉन-होस्टाइल' टैग के कारण इंश्योरेंस कंपनियों और ऑपरेटर्स के मन में अब भी डर बना हुआ है।

UN की चेतावनी- दुनिया पर मंडरा रहा खतरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने होर्मुज में जारी इस रुकावट पर गहरी चिंता जताई है। गुटेरेस ने सोशल मीडिया 'X' पर कहा कि इस रास्ते के बंद होने से तेल, गैस और खासकर खाद की सप्लाई रुक रही है। चूंकि अभी दुनिया भर में बुवाई का सीजन चल रहा है, खाद की कमी से खाद्य संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने अमेरिका, इजरायल और ईरान तीनों से युद्ध रोकने और उन पड़ोसी देशों को निशाना न बनाने की अपील की है जो इस लड़ाई में शामिल नहीं हैं।

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