Twisha Sharma Dowry Death Case: मॉडल से अभिनेत्री बनीं ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। हाई कोर्ट ने ट्विशा शर्मा हत्याकांड में उनकी सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह की निचली अदालत से मिली अग्रिम जमानत बुधवार (27 मई) को रद्द कर दी। गिरिबाला ने उसी कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी, जिस अदालत में वो कभी फैसले सुनाया करती थीं। अब हाई कोर्ट ने कहा है कि निचली अदालत ने मामले के तथ्यों, गवाहों के बयानों और आरोपों पर गंभीरता से विचार नहीं किया था और जमानत दे दी थी। अब CBI गिरिबाला को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।
अपने 17 पेज के आदेश में अवकाशकालीन पीठ के जज देवनारायण मिश्रा ने कहा, "मामले के तथ्यात्मक पहलुओं और प्रतिवादी (गिरिबाला सिंह) पर लगाए गए आरोपों के मद्देनजर, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धाराओं 80(2), 85, 3(5) तथा दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धाराओं-तीन और चार के तहत दंडनीय अपराधों में 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, भोपाल द्वारा 15 मई 2026 को पारित अग्रिम जमानत आदेश को निरस्त किया जाता है।"
पीड़िता के परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील अनुराग श्रीवास्तव ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को फोन पर बताया, "आखिरकार ट्विशा मामले में न्याय मिल गया है।" इस बीच, भोपाल की एक अदालत ने ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया। इसके बाद सीबीआई ने उसके घर ले जाकर उससे पूछताछ की।
ट्विशा शर्मा राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई को अपने ससुराल में कथित तौर पर फांसी पर लटकी मिली थी। सीबीआई ने सोमवार शर्मा की मौत की जांच अपने हाथों में ले ली थी। सीबीआई ने मामले को हाथ में लेने के बाद फिर से FIR दर्ज की है, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी के रूप में दिखाया गया है।
ट्विशा के परिजनों के वकील अंकुर पांडे ने पीटीआई से कहा कि समर्थ को मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (SIT) ने जबलपुर से गिरफ्तार किया था। फिर उसे भोपाल लाया था, जहां उसे मजिस्ट्रेट अदालत ने सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
उन्होंने कहा कि चूंकि जांच सीबीआई को सौंप दी गई है, इसलिए एसआईटी को अब समर्थ सिंह की हिरासत की आवश्यकता नहीं है। ऐसे में आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां ब्यूरो ने उसकी रिमांड की मांग की। समर्थ सिंह पेशे से वकील है। पांडे ने कहा कि अदालत ने समर्थ को सीबीआई की हिरासत में भेज दिया।
उन्होंने कहा कि चूंकि आरोपी की हिरासत और सभी संबंधित दस्तावेज अब सीबीआई को सौंप दिए गए हैं। इसलिए मामले में आगे की जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जाएगी। उन्होंने मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई आज की कार्यवाही महज एक औपचारिकता बताया। उन्होंने कहा कि इससे आगे कोई भी कानूनी कार्यवाही संबंधित सीबीआई अदालत में होगी।
बाद में सीबीआई की एक टीम समर्थ सिंह के साथ उनकी मां गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। अपने बयानों में ट्विशा के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उसे उसके ससुराल वालों ने प्रताड़ित किया था। उन्होंने दावा किया कि ससुराल पक्ष 9 दिसंबर, 2025 को उसकी शादी के समय दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं था।
उन्होंने उसके ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का आरोप लगाया और दावा किया कि 33 वर्षीय पूर्व मिस पुणे को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया। हालांकि, कई मीडिया इंटरव्यू में ट्विशा की सास ने उसके कथित इलाज और मानसिक स्थिति पर सवाल उठाया है। समर्थ सिंह को 10 दिनों तक फरार रहने के बाद 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया था।