Twisha Sharma Dowry Death Case: मॉडल से अभिनेत्री बनीं ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। NDTV के मुताबिक, ट्विशा शर्मा की मौत के बाद उनकी सास एवं पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह ने जजों और अफसरों समेत 46 प्रभावशाली लोगों को कॉल की थी। परिवार ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह द्वारा ट्विशा की मौत के तुरंत बाद प्रभावशाली लोगों और CCTV टेक्नीशियनों को किए गए 46 कथित फोन कॉल्स पर नए सवाल उठाए। परिवार ने इस मामले से जुड़े कम्यूनिकेशन और डिजिटल सबूतों की एक स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की है।
एक प्रेस बयान में ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी सास गिरिबाला सिंह ने 12 मई से 14 मई के बीच कई जजों, IAS और IPS अधिकारियों, डॉक्टरों, वकीलों और CCTV रखरखाव से जुड़े लोगों से संपर्क किया। यह सब तब हुआ जबकि 33 वर्षीय अभिनेत्री भोपाल में अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक टीम पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले की जांच के सिलसिले में मंगलवार को भोपाल स्थित उनके ससुराल पहुंची। एक अधिकारी ने बताया कि कुछ महिला कर्मियों समेत सीबीआई की टीम कटारा हिल्स इलाके में स्थित रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। इस दौरान कई मीडियाकर्मी भी वहां पहुंचे। लेकिन उन्हें घर के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
सीबीआई ने सोमवार को ट्विशा शर्मा की मौत के मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। ट्विशा का शव 12 मई को भोपाल स्थित उसके ससुराल में कथित तौर पर फंदे से लटका मिला था। एजेंसी ने ट्विशा के वकील पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की है। CBI ने जांच अपने हाथ में लेने के बाद स्पेशल क्राइम ब्रांच की एक टीम भोपाल भेजी है, जो मामले से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य जुटा रही है।
ट्विशा के परिवार का गंभीर आरोप
ट्विशा शर्मा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि विवाह के समय दिए गए दहेज से असंतुष्ट ससुराल पक्ष के लोग उसे प्रताड़ित करते थे। उन्होंने ससुराल पक्ष पर मानसिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और ट्विशा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। हालांकि, ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने कई मीडिया इंटरव्यू में ट्विशा की मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं।
ट्विशा के वकील पति समर्थ सिंह को 10 दिन तक फरार रहने के बाद शुक्रवार को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया था। भोपाल की एक अदालत ने शनिवार को उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इस बीच, दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों की एक टीम ने मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर रविवार को भोपाल में ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम किया। ट्विशा के माता-पिता ने स्थानीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया था।