आम को पकाने का सही तरीका क्या है? बिना केमिकल के एकदम पीला वाला पकेगा और आपको मिलेगा शुद्ध आम

Mango News: अक्सर देखा जाता है कि लोग छोटे आकार के आमों को ही पेड़ों से तोड़कर पकाना शुरू कर देते हैं। सही साइज और मैच्योरिटी न होने के कारण ये आम ठीक से पक नहीं पाते और सड़ने लगते हैं। इससे बड़ा नुकसान होता है। एक वैज्ञानिक ने बताया कि आम की सही तुड़ाई और उसे शुद्ध तरीके से पकाने के वैज्ञानिक एवं पारंपरिक नियम क्या हैं

अपडेटेड May 27, 2026 पर 2:02 PM
Story continues below Advertisement
Mango News: अक्सर दुकानदार आम को पकाने के लिए खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करते हैं

Mango News: गर्मियों का सीजन आते ही बाजारों में हर तरफ रसीले और स्वादिष्ट आम दिखाई देने लगते हैं। लेकिन अक्सर सही जानकारी न होने की वजह से लोग या किसान समय से पहले ही पेड़ों से आम तोड़ लेते हैं या फिर उन्हें पकाने के लिए खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि आम अंदर से सड़ने लगता है। साथ ही उसका असली स्वाद औपर शुद्धता खत्म हो जाती है।

अगर आप भी इस सीजन में एकदम शुद्ध, बिना केमिकल के प्राकृतिक रूप से पका हुआ पीला और मीठा आम खाना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। हमारे सहयोगी 'लोकल 18' की रिपोर्ट में जिला उद्यान अधिकारी ने आम तोड़ने की सही टाइमिंग से लेकर उसे बिना केमिकल के घर पर ही ऑर्गेनिक तरीके से पकाने का बेहद आसान और सटीक तरीका साझा किया है।

अक्सर देखा जाता है कि लोग छोटे आकार के आमों को ही पेड़ों से तोड़कर पकाना शुरू कर देते हैं। सही साइज और मैच्योरिटी न होने के कारण ये आम ठीक से पक नहीं पाते और सड़ने लगते हैं। इससे बड़ा नुकसान होता है। लोकल 18 से खास बातचीत में जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि आम की सही तुड़ाई और उसे शुद्ध तरीके से पकाने के वैज्ञानिक एवं पारंपरिक नियम क्या हैं।


आम की तुड़ाई के लिए क्या है फलों का सही साइज?

एक्सपर्ट के मुताबिक, हर वैरायटी के आम को तोड़ने का एक निश्चित पैमाना और साइज होता है। इसके बाद ही उसे पकाने के लायक माना जाता है। अगर आपके बगीचे में दशहरी आम का साइज कम से कम 4 इंच का हो गया है तो वह तोड़ने और पकाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लंगड़ा आम का साइज भी करीब 4 इंच या वजन में कम से कम 200 ग्राम का होना चाहिए। वहीं चौसा आम का वजन अगर 150 से 200 ग्राम या एक आम करीब 250 ग्राम तक का हो गया है तो आप उसकी तुड़ाई आसानी से कर सकते हैं।

जून का महीना है सबसे बेस्ट, बारिश के बाद तुड़ाई देगी दोगुना स्वाद

उद्यान अधिकारी ने बताया कि आम को तोड़ने और पकाने का सबसे सही समय जून का महीना माना जाता है क्योंकि इस महीने तक पेड़ पर लगे सभी फल प्राकृतिक रूप से तैयार (मैच्योर) हो जाते हैं। अगर मौसम में मानसून बन रहा है और एक बार अच्छी बारिश हो जाए तो उसके बाद आम की तुड़ाई करना सबसे बेहतर माना जाता है। अगर किसी वजह से बारिश नहीं भी होती है तो भी जून के महीने में आम को तोड़कर पकाना शुरू कर देना चाहिए क्योंकि इस समय तक फलों में प्राकृतिक मिठास आ चुकी होती है।

तुड़ाई के समय बरतें ये सावधानियां, जमीन पर न गिरें फल

आम को तोड़ते समय सबसे बड़ी सावधानी यह रखनी चाहिए कि फल सीधे पेड़ से जमीन पर न गिरे। जमीन पर गिरने से आम फट जाता है या उसमें अंदरूनी घाव हो जाता है। इस वजह से पकने की प्रक्रिया के दौरान आम उसी जगह से सड़ना शुरू हो जाता है। आम की तुड़ाई के लिए देसी जाबा या आधुनिक यंत्रों का इस्तेमाल करें. पेड़ के नीचे कोई बड़ा प्लास्टिक या बोरा फैलाकर रखें ताकि गिरते हुए फल को सीधा सपोर्ट मिल सके। आम को हमेशा डंठल सहित तोड़ना चाहिए। डंठल के बिना टूटने पर आम का रस फल की त्वचा पर लग जाता है। इससे आम पर काले धब्बे पड़ जाते हैं और सड़न आने लगती है।

बिना केमिकल (कार्बाइड) के आम पकाने का घरेलू देसी जुगाड़

बाजारों में आम को जल्दी पीला करने के लिए अक्सर प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड या दूसरे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। ये सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। एक्सपर्ट ने कड़कती गर्मी के इस मौसम में बिना किसी रसायन के जैविक तरीके से आम पकाने की विधि बताई है। आम को पकाने के लिए प्राकृतिक गर्मी सबसे अच्छी भूमिका निभाती है।

आप आमों को पुआल (पैरा) या गेहूं के भूसे के बीच में दबाकर रख सकते हैं। अगर भूसा नहीं मिल रहा तो किसी गत्ते के बॉक्स (कार्टन) के चारों तरफ अच्छी तरह से अखबार की परत लगा दें। इसके बाद आमों को डंठल नीचे की तरफ करके उसमें व्यवस्थित रख दें और ऊपर से दोबारा अखबार से ढककर बॉक्स बंद कर दें।

ये भी पढ़ें- Jind-Sonipat DEMU Route: हरियाणा में जींद-सोनीपत ट्रैक पर दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन! 75 kmph होगी रफ्तार, भारतीय रेलवे ने दी मंजूरी

आमों को बंद करके सीधे छोड़ न दें। हर दो से तीन दिनों पर बॉक्स या भूसे को खोलकर चेक करते रहें। जो आम प्राकृतिक रूप से पीले पड़ जाएं और खुशबू देने लगें, उन्हें बाहर निकालते रहें और परिवार के साथ शुद्ध एवं सेहतमंद आम का आनंद लें। इस जैविक विधि से पके हुए आम न सिर्फ स्वाद में लाजवाब और सौंधे होते हैं बल्कि इनके सेवन से स्वास्थ्य को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।