Jind-Sonipat DEMU Route: हरियाणा में जींद-सोनीपत ट्रैक पर दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन! 75 kmph होगी रफ्तार, भारतीय रेलवे ने दी मंजूरी

Jind-Sonipat DEMU Route: रेल मंत्रालय ने उत्तरी रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर 10-कोच वाली देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाली DEMU ट्रेन शुरू करने को मंजूरी दे दी है। यह भारतीय रेलवे नेटवर्क में ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में एक अहम कदम है

अपडेटेड May 27, 2026 पर 12:59 PM
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Jind-Sonipat DEMU Route: रेल मंत्रालय ने जींद-सोनीपत रूट पर 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन को मंजूरी दी

Jind-Sonipat DEMU Route: रेल मंत्रालय ने देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली 10 कोच वाली DEMU ट्रेन को जींद और सोनीपत के बीच 75 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चलाने की मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन डीजल या बिजली आधारित ट्रैक्शन के बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग करके बिजली उत्पादन करेगी। इसकी कुल पावर आउटपुट 1,200 किलोवाट है। यह डिस्ट्रीब्यूटेड पावर रोलिंग स्टॉक (DPRS) टेक्नोलॉजी पर काम करेगी। इसके तहत पावर क्षमता किसी एक लोकोमोटिव में केंद्रित होने के बजाय पूरी ट्रेन में वितरित होती है।

रेलवे मंत्रालय की यह मंजूरी 'रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन' ((RDSO) से तकनीकी मंजूरी और कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CMRS) द्वारा सेफ्टी टेस्टिंग के बाद दी गई। उत्तरी रेलवे के जनरल मैनेजर को संबोधित एक लेटर में RDSO द्वारा जारी लास्ट पे सर्टिफिकेट और अन्य रखरखाव मानदंडों के साथ-साथ सीसीआरएस द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि मंत्रालय की मंजूरी का मतलब यह नहीं है कि परिचालन तुरंत शुरू हो जाएगा, क्योंकि कई अनुपालन प्रक्रियाओं और सत्यापन चरणों को अभी पूरा किया जाना बाकी है।

पढ़ें- हाइड्रोजन ट्रेन की बड़ी बातें

  • रेल मंत्रालय की तरफ से उत्तरी रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर 10-कोच वाली देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाली DEMU ट्रेन को मंजूरी भारतीय रेलवे नेटवर्क में ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में एक अहम कदम है।
  • रेलवे बोर्ड की ओर से जारी एक आधिकारिक सूचना के मुताबिक, जींद-सोनीपत के लिए तय रूट पर 75 kmph की अधिकतम स्पीड से चलने वाली 10-कोच वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल-आधारित DPRS 1200 KW DEMU कोच शुरू करने की मंजूरी दे दी गई है।
  • इससे पहले, इस साल अप्रैल में रेल मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 100 रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी थी। इनमें कुल 1.53 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल था। यह मंत्रालय के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की मुहिम के तहत खर्च और विस्तार में एक बड़ी बढ़ोतरी को दिखाता है।
  • रेल मंत्रालय के मुताबिक, इसमें 6,000 किलोमीटर से ज्यादा का रिकॉर्ड विस्तार शामिल है, जो पिछले साल के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। मंत्रालय ने कहा, "इन प्रोजेक्ट्स में कुल 1.53 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जो 6,000 किलोमीटर से ज्यादा के रेलवे नेटवर्क को कवर करता है। यह रेलवे विस्तार में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।"
  • रेलवे मंत्रालय ने बताया कि मंजूरियों और खर्च का दायरा साल-दर-साल काफी बढ़ा है। मंत्रालय ने आगे कहा, "वित्त वर्ष 2024-25 के मुकाबले... प्रोजेक्ट की मंजूरियों में 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। रूट कवरेज में 114 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है। वहीं, वित्तीय प्रतिबद्धता में 110 प्रतिशत से ज्यादा की जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है।"
  • इन प्रोजेक्ट्स में नई रेलवे लाइनें, दोहरीकरण और मल्टी-ट्रैकिंग के काम शामिल हैं, जिनका मकसद भीड़भाड़ कम करना और सेवाओं को बेहतर बनाना है। इस विस्तार में ज्यादातर बड़े राज्य शामिल होंगे, जिनमें कुछ खास इलाकों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।


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