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Muling La Project: चीन बॉर्डर के पास भारत का नया सीक्रेट प्लान! 16,000 फीट की ऊंचाई पर बनाने जा रहा 'मूलिंग ला' सड़क; जानिए क्यों है खास?

BRO Muling La Project:

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Dec 23, 2025 पर 9:08 AM
Muling La Project: चीन बॉर्डर के पास भारत का नया सीक्रेट प्लान! 16,000 फीट की ऊंचाई पर बनाने जा रहा 'मूलिंग ला' सड़क; जानिए क्यों है खास?
करीब 104 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना भारत की उस नई 'हिमालयन डॉक्ट्रिन' का हिस्सा है

Muling La Project: चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच भारत सरकार ने उत्तराखंड सेक्टर में एक बेहद चुनौतीपूर्ण और रणनीतिक सड़क परियोजना को हरी झंडी दे दी है। सीमा सड़क संगठन (BRO) उत्तराखंड के नीलापानी से 'मूलिंग ला' (Muling La) तक 32 किलोमीटर लंबी हाई-एल्टीट्यूड सड़क बनाने जा रहा है। यह सड़क भारत-तिब्बत सीमा पर 16,134 फीट की ऊंचाई तक पहुंचेगी। करीब 104 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना भारत की उस नई 'हिमालयन डॉक्ट्रिन' का हिस्सा है, जिसके तहत चीन सीमा पर बुनियादी ढांचे को अभेद्य बनाया जा रहा है।

5 दिन का सफर अब घंटों में, क्यों खास है यह सड़क?

फिलहाल मूलिंग ला बेस तक पहुंचने के लिए भारतीय जवानों को बेहद दुर्गम रास्तों पर 5 दिनों तक पैदल ट्रेकिंग करनी पड़ती है। रसद, ईंधन और सैन्य उपकरण खच्चरों या पोर्टर्स के जरिए ले जाए जाते हैं। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण यह इलाका पूरी तरह कट जाता है, जिससे सेना को हवाई मदद पर निर्भर रहना पड़ता है। नई ऑल-वेदर रोड बनने के बाद, सैनिकों और भारी हथियारों की तैनाती का समय 5 दिन से घटकर महज कुछ घंटों का रह जाएगा। इससे चीन की किसी भी हिमाकत का जवाब देने में भारतीय सेना की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।

चीन की चुनौती के बीच बदलती भारत की रणनीति

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