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अब गोल्ड इंपोर्ट का झंझट होगा कम! भारत की पहली प्राइवेट गोल्ड माइन चालू, अब जमीन से निकलेगा टन भर सोना

India First Private Gold Mine: आजादी के बाद देश में पहली बार किसी निजी कंपनी के स्वामित्व वाली सोने की खदान में कमर्शियल यानी व्यावसायिक कामकाज पूरी तरह शुरू हो गया है। पहले साल में यहां से लगभग 400 किलोग्राम सोना निकालने का टारगेट रखा गया है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jun 25, 2026 पर 10:34 AM
अब गोल्ड इंपोर्ट का झंझट होगा कम! भारत की पहली प्राइवेट गोल्ड माइन चालू, अब जमीन से निकलेगा टन भर सोना
इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 1500 एकड़ जमीन अलॉट की है, जिसके पहले फेज में 600 एकड़ पर माइनिंग शुरू हो चुकी है

India's First Private Gold Mine: भारतीय माइनिंग सेक्टर में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। आजादी के बाद देश में पहली बार किसी निजी कंपनी के स्वामित्व वाली सोने की खदान में कमर्शियल यानी व्यावसायिक कामकाज पूरी तरह शुरू हो गया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कुरनूल जिले के जोंनागिरी में इस महत्वाकांक्षी गोल्ड माइनिंग और प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट का औपचारिक उद्घाटन किया।

इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने न सिर्फ पहली यूनिट की शुरुआत की, बल्कि इस प्रोजेक्ट के दूसरे फेज की आधारशिला भी रखी। इस खदान के शुरू होने से आंध्र प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा और यहां से सालाना कितना सोना निकलेगा, आइए इसकी पूरी डिटेल जानते हैं।

405 करोड़ का होगा निवेश

इस ऐतिहासिक गोल्ड माइन को शुरू करने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी और निवेश किया गया है। यह प्रोजेक्ट कुल 405 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसे जियोमैसूर सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (GMSI) द्वारा डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड की साझेदारी में चलाया जा रहा है।

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