7 साल बाद भारत आ रहा है ईरानी तेल, गुजरात के वाडिनार पहुंचेगा 6 लाख बैरल का पहला शिपमेंट; ट्रंप की 'खास छूट' का असर

Iran Oil: यह शिपमेंट ऐसे समय में आ रहा है जब मिडिल ईस्ट में युद्ध चरम पर है। ईरान के साथ युद्ध और तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, ट्रंप प्रशासन ने उन जहाजों को 30 दिनों की मोहलत दी है जिन्होंने 20 मार्च से पहले तेल लोड कर लिया था। यह तेल ईरान के खर्ग द्वीप से लोड किया गया है

अपडेटेड Apr 01, 2026 पर 12:43 PM
Story continues below Advertisement
मई 2019 के बाद यह पहला मौका है जब ईरान से कोई तेल टैंकर भारत आ रहा है

Iranian Oil: भारत और ईरान के बीच तेल व्यापार की पुरानी कड़ी एक बार फिर जुड़ती नजर आ रही है। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, पिछले सात सालों में पहली बार ईरान से कच्चे तेल की एक बड़ी खेप भारत के लिए रवाना हुई है। अमेरिका द्वारा 'रास्ते में मौजूद कार्गो' के लिए दी गई 30 दिनों की विशेष छूट के बाद यह संभव हो पाया है। कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म 'केपलर' के मुताबिक, ईरानी कच्चे तेल से लदा एक बड़ा टैंकर भारत की ओर बढ़ रहा है।

'पिंग शुन' नामक इस जहाज में 6 लाख बैरल कच्चा तेल लदा है। करीब एक महीने की यात्रा के बाद इसके 4 अप्रैल तक भारत पहुंचने की उम्मीद है। यह जहाज गुजरात के वाडिनार पोर्ट पर पहुंचेगा। मई 2019 के बाद यह पहला मौका है जब ईरान से कोई तेल टैंकर भारत आ रहा है।

ट्रंप ने दी थी '30 दिनों की छूट'


यह शिपमेंट ऐसे समय में आ रहा है जब मिडिल ईस्ट में युद्ध चरम पर है। ईरान के साथ युद्ध और तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, ट्रंप प्रशासन ने उन जहाजों को 30 दिनों की मोहलत दी है जिन्होंने 20 मार्च से पहले तेल लोड कर लिया था। यह तेल ईरान के खर्ग द्वीप से लोड किया गया है, जहां से ईरान के कुल तेल निर्यात का 90% एक्सपोर्ट होता है। वैसे हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो वे इस द्वीप के तेल टर्मिनल को पूरी तरह तबाह कर देंगे।

कौन है खरीदार? सस्पेंस बरकरार

अभी यह पूरी तरह साफ नहीं है कि यह तेल किस भारतीय कंपनी ने खरीदा है। वाडिनार में नायरा एनर्जी की बड़ी रिफाइनरी है, लेकिन वहां इस महीने मेंटेनेंस का काम होना है, इसलिए उनके खरीदार होने की संभावना कम है। वहीं इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां भी वाडिनार पोर्ट पर तेल रिसीव करती हैं, कयास लगाए जा रहे हैं कि इनमें से कोई खरीदार हो सकता है।

भारत की 'ऑयल डिप्लोमेसी'

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तेजी से कदम उठा रहा है। एक समय था जब भारत की कुल तेल जरूरत का 11.5% हिस्सा ईरान से आता था। रिफाइनरी के अनुकूल होने और बेहतर कमर्शियल शर्तों के कारण भारतीय कंपनियां इसे पसंद करती हैं। ईरान के साथ-साथ भारत ने रूस से भी तेल की खरीदारी बढ़ाई है। साथ ही, 10 महीने के अंतराल के बाद वेनेजुएला से भी तेल का आयात फिर से शुरू हो गया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।