'किसानों के हितों से समझौता नहीं...', भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पीयूष गोयल ने विपक्ष पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग “किसान विरोधी” हैं और बेवजह भ्रम पैदा कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए इस समझौते में कृषि उत्पादों पर कोई रियायत नहीं दी गई है

अपडेटेड Feb 07, 2026 पर 3:40 PM
Story continues below Advertisement
शनिवार को अमेरिका और भारत ने ट्रेड डील पर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है।

India US Trade Deal : शनिवार को अमेरिका और भारत ने ट्रेड डील पर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया गया है। इसमें ट्रेड एग्रीमेंट की मुख्य शर्तों पर जोर दिया गया। नए समझौते के तहत, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों और कृषि और खाद्य उत्पादों के एक बड़े समूह पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा। जबकि अमेरिका भारतीय निर्यात पर 18% की रेसिप्रोकल टैरिफ दर लागू करेगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर विस्तार से इसकी जानकारी दी।

किसानों की हित की सुरक्षा

पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच हर साल 500 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हासिल करना लक्ष्य था। आज का दिन इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।पीयूष गोयल ने ट्रेड डील को लेकर विपक्ष की आलोचना का सख्त जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस समझौते को लेकर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि इसमें जरूरी सुरक्षा उपाय शामिल हैं।


केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग “किसान विरोधी” हैं और बेवजह भ्रम पैदा कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए इस समझौते में कृषि उत्पादों पर कोई रियायत नहीं दी गई है। उनका कहना था कि सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है जिससे देश के किसानों के हितों को नुकसान पहुंचे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार किसानों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इन चीजों पर लगेगा  जीरो टैरिफ

कृषि क्षेत्र में भी भारत से अमेरिका को निर्यात की जाने वाली कई वस्तुओं पर जीरो पारस्परिक टैरिफ लागू होगा। इसमें मसाले, चाय, कॉफी और उनसे बने उत्पाद, नारियल और नारियल तेल, वनस्पति मोम, सुपारी, ब्राजील नट, काजू, शाहबलूत और कई फल और सब्जियां शामिल हैं। इसके अलावा, केले, आम, अमरूद, एवोकाडो, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम, जड़ वाली सब्जियां, अनाज, जौ, बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद, तिल, खसखस और खट्टे फलों के रस जैसे कई फल, सब्जियां और कृषि उत्पाद भी बिना किसी शुल्क के अमेरिकी बाजार में पहुंचेंगे।

पीयूष गोयल ने कहा कि यह व्यापार समझौता भारतीय उद्योगों के लिए निर्यात के नए मौके पैदा करता है। साथ ही, इसमें कृषि क्षेत्र को सस्ते आयात के दबाव से पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। उनके अनुसार, इस समझौते में उद्योग और कृषि — दोनों के बीच सही संतुलन बनाया गया है। पीयूष गोयल ने नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में यह समझौता संभव हो पाया।

विपक्ष की आलोचना

पीयूष गोयल की यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब विपक्षी नेताओं ने कहा कि यह व्यापार समझौता भारतीय किसानों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।जयराम रमेश, कांग्रेस सांसद, ने कहा कि अगर अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शुल्क कम किया गया या हटा दिया गया, तो भारतीय किसानों को भारी सब्सिडी पाने वाले अमेरिकी किसानों से मुकाबला करना पड़ेगा। उनका कहना था कि इससे देश के किसानों पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं संजय सिंह, आम आदमी पार्टी के सांसद, ने भी इस समझौते की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी कृषि बाजारों को खोला गया, तो इसका सीधा असर ग्रामीण आजीविका पर पड़ेगा। संजय सिंह ने सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि वह बाहरी दबाव में सस्ते रूसी तेल के आयात में कटौती कर रही है, जिससे राष्ट्रीय हित को नुकसान हो सकता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।