India-US Trade Deal: 'किसान हित सर्वोपरि...'; अमेरिका से भारत नहीं आएंगे ये कृषि उत्पाद, India-US ट्रेड डील पर शिवराज सिंह चौहान ने दी पूरी डिटेल्स

India-US Trade Deal: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अमेरिका को मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, एथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर टैरिफ में कोई छूट नहीं दी गई है

अपडेटेड Feb 08, 2026 पर 11:54 AM
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India-US Trade Deal: शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर विपक्ष के आरोप निराधार है

India-US Trade Deal: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए रविवार (8 फरवरी) को कहा कि इस समझौते में कृषि क्षेत्र की संपूर्ण सुरक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसान हित सर्वोपरि रखा गया है। चौहान ने राजधानी भोपाल स्थित अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "इस समझौते में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं किया गया है जिससे भारतीय किसानों को जरा भी नुकसान हो।"

उन्होंने कहा कि सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से पूरी तरह बाहर रखा गया है। कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया था कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते से भारत को फायदा नहीं हुआ। बल्कि अमेरिका का लाभ हुआ है क्योंकि यह समझौता दबाव में किया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समर्पण कर दिया।

चौहान का विपक्ष पर पलटवार


शिवराज सिंह चौहान ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि विपक्षी दल बेवजह का हो-हल्ला मचा रहे हैं कि इस समझौते से खेती बर्बाद हो जाएगी और किसानों का सत्यानाश हो जाएगा। उन्होंने कहा, "आप गहराई में जाकर देखें, हमारे वे सारे कृषि उत्पाद, जो हमारे किसानों की मूल ताकत है, उन सबको इस समझौते से बाहर रखा गया है। राष्ट्रहित सर्वोपरि, किसान हित सर्वोपरि...।"

कृषि मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मैं देश नहीं झुकने दूंगा और किसानों के हितों पर कोई आंच नहीं आने दूंगा। आप इस व्यापाक समझौते में देखेंगे कि ये दोनों चीजों का पूरा ध्यान रखा गया है।" चौहान ने पलटवार करते हुए कहा कि बरसों तक कांग्रेस ने इस देश पर शासन किया। लेकिन उसने ना तो किसानों को किसी वैश्विक बाजार से जोड़ा और ना भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिरता एवं ऊंचाइयां प्रदान की।

GM प्रोडक्ट्स की भारत में नो एंट्री!

शिवराज ने कहा, "इसके विपरीत भारतीय अर्थव्यवस्था आजादी के समय दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी। उसको 11वें स्थान पर पहुंचा दिया था। अब हम तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर तेजी से अग्रसर हैं।" केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी तरह के जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) प्रोडक्ट्स को भारत में एंट्री नहीं दी जाएगी। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला है। उन्होंने कहा, “इससे भारतीय कृषि की शुद्धता बनी रहेगी, हमारी मिट्टी और हमारे बीज सुरक्षित रहेंगे।”

अमेरिका से भारत नहीं आएंगे ये कृषि उत्पाद

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अमेरिका को मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, एथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर टैरिफ में कोई छूट नहीं दी गई है।

कृषि मंत्री ने कहा कि छिल्का रहित अनाज एवं आटा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू और मिक्स डिब्बाबंद सब्जियां भी भारत नहीं आएंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादों में लिक्विड, पाउडर एवं कंडेंस्ड दूध, क्रीम, योगर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर, व्हे उत्पाद और चीज को भी भारत में एंट्री नहीं मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इससे भारत के किसान परिवारों की आजीविका सुरक्षित रहेगी। चौहान ने कहा कि मसालों में काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवायन, मेथी, सरसों, राई और अन्य पाउडर मसाले भी नहीं आएंगे।

विपक्ष का हमला

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस करार के मद्देनजर केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए शनिवार को कहा कि यह समझौता 'नमस्ते ट्रंप' और 'हाउडी मोदी' पर भारी पड़ गया है। 'नमस्ते ट्रंप' और 'हाउडी मोदी' ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान भारत एवं अमेरिका के रिश्तों से जुड़े दो बड़े राजनीतिक-कूटनीतिक कार्यक्रम थे। इनका आयोजन क्रमशः अहमदाबाद और ह्यूस्टन में हुआ था।

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उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में भारत के हितों की पूर्ति नहीं हुई है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के समक्ष समर्पण कर दिया है। उन्होंने कहा, "भारत सरकार अमेरिका के टाइम जोन के हिसाब से चल रही है, क्योंकि सारे निर्णय अमेरिका के हिसाब से हो रहे हैं। हमारे लिए इससे ज्यादा खेदजनक बात और कुछ नहीं हो सकती।" खेड़ा ने दावा किया कि अरबपतियों के हितों के लिए भारत के आम नागरिकों के हितों को कुर्बान कर दिया गया है।

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