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LPG उत्पादन 50% बढ़ने के बाद भी कम नहीं होगी विदेशों पर निर्भरता, हर महीने चाहिए होंगे 30 से ज्यादा बड़े जहाज

India LPG Demand: सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 तक देश में एलपीजी की मांग बढ़कर 29 लाख टन प्रति माह हो जाएगी। फिलहाल देश में घरेलू उत्पादन की क्षमता करीब 10 से 11 लाख टन की है। संकट के बीच अगर उत्पादन 50% बढ़ जाए, तब भी 13 लाख टन से ज्यादा गैस बाहर से मंगवानी पड़ेगी

Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 18, 2026 पर 8:29 AM
LPG उत्पादन 50% बढ़ने के बाद भी कम नहीं होगी विदेशों पर निर्भरता, हर महीने चाहिए होंगे 30 से ज्यादा बड़े जहाज
पिछले दो दशकों में भारत में रसोई गैस का इस्तेमाल जितनी तेजी से बढ़ा है, उत्पादन उस रफ्तार से नहीं बढ़ पाया

LPG Crisis: भारत अपनी रसोई गैस (LPG) की जरूरतों को पूरा करने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहा है। हालांकि, मौजूदा आंकड़ों से एक अलग ही तस्वीर निकलकर सामने आ रही है। Moneycontrol के एक विश्लेषण के अनुसार, अगर भारत अपना घरेलू एलपीजी उत्पादन 50% तक बढ़ा भी ले, तब भी उसे अपनी मांग पूरी करने के लिए हर महीने विदेशों से 29 से 34 बड़े टैंकर्स की जरूरत पड़ेगी।

25 सालों में 6 गुना बढ़ी खपत

पिछले दो दशकों में भारत में रसोई गैस का इस्तेमाल जितनी तेजी से बढ़ा है, उत्पादन उस रफ्तार से नहीं बढ़ पाया। 1998-99 में एलपीजी की खपत मात्र 5.35 लाख टन थी, जो 2024-25 में बढ़कर 31.3 लाख टन हो गई है। यानी खपत में 6 गुना बढ़ोतरी हुई है। इसी दौरान उत्पादन 3.6 लाख टन से बढ़कर केवल 12.8 लाख टन तक ही पहुंच पाया है।

मांग और सप्लाई का बड़ा अंतर

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