Indian Railway Ticket Rule: अगर आप भी अक्सर रेलवे काउंटर की लंबी लाइनों से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन से डिजिटल अनरिजर्व्ड (सामान्य/अनारक्षित) टिकट बुक करके सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रेलवे ने डिजिटल अनरिजर्व्ड टिकटों को लेकर नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है और यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। रेलवे ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि टिकट चेकिंग के दौरान केवल रजिस्टर्ड मोबाइल फोन पर रेल वन (Rail One) ऐप के भीतर मौजूद मूल डिजिटल टिकट ही मान्य माना जाएगा। अगर आप टीटीई को टिकट का स्क्रीनशॉट, वॉट्सऐप कॉपी या पीडीएफ दिखाते हैं तो उसे अमान्य घोषित कर दिया जाएगा और रेलवे नियमों के तहत आपके ऊपर जुर्माना लगाया जाएगा। आइए जानते हैं रेलवे द्वारा जारी किए गए इन नियमों की पूरी डिटेल और वह घटना जिसके बाद रेलवे को यह स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा।
स्क्रीनशॉट दिखाने पर महिला यात्री से वसूला गया जुर्माना: जानें पूरा मामला
हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक यह स्पष्टीकरण कोरबा-विशाखापट्टनम लिंक एक्सप्रेस में घटी एक घटना के बाद आया है। इस ट्रेन में कोरबा से रायपुर की यात्रा कर रही एक महिला यात्री को टिकट चेकिंग के दौरान वॉट्सऐप स्क्रीनशॉट दिखाना भारी पड़ गया और उन पर जुर्माना ठोक दिया गया।
मामले में क्या गड़बड़ी पाई गई?
महिला यात्री ने टीटीई को बताया कि उसके भाई ने अपने मोबाइल के रेल वन ऐप से यह टिकट बुक किया था और उसे वॉट्सऐप पर इसका स्क्रीनशॉट फॉरवर्ड कर दिया था। रेलवे अधिकारियों ने जब जांच की तो पाया कि वह टिकट शाम 4:45 बजे जनरेट किया गया था जबकि ट्रेन कोरबा स्टेशन से दोपहर 4:10 बजे ही रवाना हो चुकी थी। वह टिकट यात्रा कर रही महिला यात्री के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी उपलब्ध नहीं था। इन सभी खामियों के चलते टीटीई ने स्क्रीनशॉट को अमान्य करार दिया और रेलवे नियमों के मुताबिक पेनल्टी वसूल की।
डिजिटल अनरिजर्व्ड टिकट के 4 बेहद जरूरी नियम
डिजिटल टिकटों के दुरुपयोग को रोकने और यात्रा के दौरान सही वेरिफिकेशन सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने यहां नीचे दिए गए नियम दोहराए हैं:
क्या यह नियम रिजर्व्ड (आरक्षित) टिकटों पर भी लागू है?
रायपुर डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर (DCM) अवधेश कुमार त्रिवेदी ने इस पर स्थिति साफ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा के लिए सिर्फ रजिस्टर्ड डिवाइस पर उपलब्ध ओरिजिनल डिजिटल टिकट ही मान्य है। हालांकि ये नियम सिर्फ रेल वन ऐप के माध्यम से बुक किए गए डिजिटल अनरिजर्व्ड (अनारक्षित) टिकटों पर ही लागू होते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस नियम का असर रिजर्व्ड टिकटों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि रिजर्व्ड टिकटों के मामले में यात्रियों की पहचान का वेरिफिकेशन पहले से ही सरकार द्वारा जारी आईडी प्रूफ (पहचान पत्र) दस्तावेजों के माध्यम से किया जाता है।