मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले गुरकीरत सिंह मनोचा की कनाडा में हत्या कर दी गई। वह करीब सवा साल पहले पढ़ाई के लिए कनाडा गया था। परिवार के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में ब्रिटिश कोलंबिया के फोर्ट सेंट जॉन के पास छात्रों के बीच हुए झगड़े के दौरान कथित तौर पर उस पर हमला किया गया था। गुरकीरत सिंह मनोचा, उज्जैन में देवास रोड पर पार्श्वनाथ सिटी का रहने वाले थे।
रिपोर्ट के मुताबिक पहले उस पर हमला किया गया और बाद में उसे कार से कुचल दिया गया। गुरकीरत करीब 15 महीने पहले हायर एजुकेशन के लिए कनाडा गए थे। इस घटना की खबर मिलते ही परिवार गहरे सदमे में है और अब अंतिम संस्कार के लिए उसके शव के भारत आने का इंतजार कर रहा है। गुरकीरत सिंह मनोचा के परिवार ने बताया कि यह घटना 15 मार्च को चार्ली लेक (Charlie Lake) के पास हुई थी। बताया जा रहा है कि वहां युवाओं के एक समूह के साथ उसकी कहा-सुनी हो गई, जिसके बाद उस पर हमला किया गया और उसे गंभीर चोटें आईं, बाद में उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने भी संज्ञान लिया है और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख जताया है।
मैनेजमेंट की पढ़ाई करने कनाडा गए थे गुरकीरत
गुरकीरत सिंह मनोचा मध्य प्रदेश के उज्जैन में देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ कॉलोनी का रहने वाला था। वह करीब एक साल तीन महीने पहले आगे की पढ़ाई के लिए कनाडा गया था। वहां वह नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज (Northern Lights College) में बिजनेस मैनेजमेंट पोस्ट-डिग्री डिप्लोमा प्रोग्राम की पढ़ाई कर रहा था। परिवार के मुताबिक, गुरकीरत भी कई भारतीय छात्रों की तरह विदेश में पढ़ाई कर अपने बेहतर भविष्य का सपना देख रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, इस दुखद घटना की जानकारी परिवार को कनाडा में पढ़ रहे भारतीय मूल के उसके एक दोस्त के जरिए मिली।
मध्य प्रदेश के उज्जैन के छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा की हत्या के मामले में उसके भाई प्रभकीरत सिंह ने बताया कि इस घटना में 10–12 युवाओं के शामिल होने की आशंका है। उन्होंने NDTV से बातचीत में कहा कि कनाडा की पुलिस मामले की जांच कर रही है और उन्हें जांच की जानकारी देने के लिए गुरकीरत की एक तस्वीर भी भेजी है। परिवार के अनुसार पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया था, लेकिन उनके वकीलों के आने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। प्रभकीरत ने कहा कि परिवार चाहता है कि उनके भाई का शव भारत लाया जाए, ताकि उज्जैन में उसका अंतिम संस्कार किया जा सके।