IndiGo Flights Cancellations: इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल होने का दौर अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार सातवें दिन भी इंडिगो का परिचालन संकट जारी है। आज अकेले 400 से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं, जिससे यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले मंगलवार से अब तक देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो की 4,500 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जो इसके इतिहास का सबसे गंभीर फ्लाइट ऑपरेशन का संकट बन गया है।
प्रमुख शहरों में रद्दीकरण का ब्यौरा (सोमवार, 8 दिसंबर)
राजधानी दिल्ली सहित देश के प्रमुख हवाई अड्डे इस व्यवधान से सबसे अधिक प्रभावित हुए:
दिल्ली और मुंबई के हवाई अड्डों पर यात्रियों को लंबी कतारों और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा, क्योंकि उड़ानों में भारी देरी और अंतिम समय में रद्दीकरण जारी है। इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले शहरों में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता शामिल है।
तत्काल हस्तक्षेप पर सुप्रीम कोर्ट का इनकार
इंडिगो एयरलाइंस के परिचालन संकट और पिछले सप्ताह मंगलवार से अब तक 4,500 से अधिक उड़ानें रद्द होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में इंडिगो की उड़ानों के रद्दीकरण और देरी पर तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी, लेकिन मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने इसे खारिज कर दिया। CJI ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, 'हम समझते हैं कि लाखों लोग फंसे हुए हैं। हो सकता है कुछ लोगों का जरूरी काम हो, और वे यात्रा न कर पा रहे हों... लेकिन भारत सरकार ने इस मुद्दे का संज्ञान लिया है। समय पर कदम उठाए गए प्रतीत होते हैं। हमें अभी कोई तात्कालिकता नजर नहीं आती।'
DGCA ने पायलट निकायों से मांगी मदद
संकट थमने के कोई संकेत नहीं दिखा रहा है, इसलिए विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को अब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से सहायता की मांग करनी पड़ी है। DGCA ने देश भर के पायलट निकायों (Pilot Bodies) से अपील की है कि वे इंडिगो के परिचालन को स्थिर करने में मदद करने के लिए पूरा सहयोग दें।
इससे पहले DGCA ने इंडिगो के CEO और जवाबदेह प्रबंधक को दो बार 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर, इस संकट के लिए खराब योजना और संसाधन प्रबंधन में चूक को जिम्मेदार ठहराया था।