Indore Water Contamination: देवास SDM की घोर लापरवाही, सरकारी आदेश में किया ‘घंटा’ शब्द का प्रयोग, हुए निलंबित

Indore Water Contamination: मध्य प्रदेश के देवास जिले के एक सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) को इंदौर जल प्रदूषण मामले के दौरान एक आधिकारिक आदेश में कथित तौर पर विवादास्पद राजनीतिक संदर्भ देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

अपडेटेड Jan 05, 2026 पर 11:25 AM
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देवास SDM की घोर लापरवाही, सरकारी आदेश में किया ‘घंटा’ शब्द का प्रयोग, हुए निलंबित

Indore Water Contamination: मध्य प्रदेश के देवास जिले के एक सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) को इंदौर जल प्रदूषण मामले के दौरान एक आधिकारिक आदेश में कथित तौर पर विवादास्पद राजनीतिक संदर्भ देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन मंडल के राजस्व आयुक्त आशीष सिंह द्वारा एसडीएम को आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता और अनियमितताओं का दोषी पाए जाने के बाद रविवार को यह कार्रवाई की गई।

अधिकारियों के अनुसार, SDM ने शनिवार को एक आदेश जारी कर देवास में कांग्रेस के नियोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्व कर्मचारियों की तैनाती का निर्देश दिया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने PTI को बताया कि " SDM ने अपने सरकारी आदेश में कांग्रेस के ज्ञापन के एक हिस्से की भाषा को ज्यों-का-त्यों कॉपी कर दिया। यह गंभीर लापरवाही है।"

कांग्रेस के ज्ञापन में इंदौर में दूषित पानी की त्रासदी को लेकर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की गई थी और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के प्रश्न के उत्तर में आपत्तिजनक शब्द "घंटा" के प्रयोग का उल्लेख किया गया था। ज्ञापन में मंत्री की प्रतिक्रिया को "अमानवीयता और तानाशाही" का प्रतिबिंब बताया गया था।


'घंटा' विवाद पर राजनीतिक बवाल

राज्य स्तरीय पार्टी प्रमुख जीतू पटवारी के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए कांग्रेस ने राज्यव्यापी 'घंटा' विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। पार्टी कार्यकर्ताओं को भाजपा सांसदों और विधायकों के घरों के बाहर घंटियां बजाने के लिए कहा गया, ताकि ज्ञापन में वर्णित "अमानवीय व्यवहार" के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जा सके।

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से हुई मौतों और विजयवर्गीय की उस टिप्पणी के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जिसने आक्रोश पैदा कर दिया था। शहरी विकास और आवास विभाग के प्रमुख मंत्री ने 31 दिसंबर को एक टीवी पत्रकार के संकट से संबंधित प्रश्न का उत्तर देते हुए 'घंटा' शब्द का प्रयोग किया था। इस शब्द का सामान्य अर्थ "बकवास" होता है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच संकट गहराता जा रहा है

दूषित पानी कांड को लेकर राज्य में जनता का गुस्सा जारी है और इस घटना ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। SDM के निलंबन ने विवाद को और हवा दे दी है, जिससे इस संवेदनशील संकट के दौरान प्रशासनिक आचरण पर सवाल उठ रहे हैं।

इंदौर में पानी का प्रदूषण: मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है

इंदौर प्रशासन ने अब तक दूषित पेयजल से दस्त के कारण छह मौतों की पुष्टि की है। हालांकि, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 2 जनवरी को कहा था कि उनके पास 10 मौतों की जानकारी है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि छह महीने के बच्चे समेत सोलह लोगों की जान चली गई है। रविवार को 9,000 से अधिक लोगों की जांच की गई और दस्त के 20 नए मामले सामने आए। भागीरथपुरा में प्रकोप शुरू होने के बाद से कुल 398 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 256 को छुट्टी दे दी गई है, जबकि 142 अभी भी भर्ती हैं। अस्पताल में भर्ती 11 मरीज गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में हैं।

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