SAIL के 'फौलाद' से बना भारतीय नौसेना का नया योद्धा! INS अंजदीप की ताकत देख दंग रह जाएगा दुश्मन

भारतीय नौसेना को जल्द ही एक और ताकतवर युद्धपोत मिलने जा रहा है। INS अंजदीप को पूरी तरह स्वदेशी स्वदेशी स्पेशल स्टील से तैयार किया गया है। इस पोत के निर्माण के लिए जरूरी स्पेशल ग्रेड का स्टील देश की सरकारी कंपनी SAIL ने उपलब्ध कराया है। इस युद्धपोत का निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) ने किया है

अपडेटेड Feb 26, 2026 पर 6:22 PM
Story continues below Advertisement
INS अंजदीप के नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा और मजबूत होगी

भारतीय नौसेना को जल्द ही एक और ताकतवर युद्धपोत मिलने जा रहा है। INS अंजदीप को पूरी तरह स्वदेशी स्वदेशी स्पेशल स्टील से तैयार किया गया है। इस पोत के निर्माण के लिए जरूरी स्पेशल ग्रेड का स्टील देश की सरकारी कंपनी SAIL ने उपलब्ध कराया है। इस युद्धपोत का निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) ने किया है। यह एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) कैटेगरी का तीसरा पोत है। इससे पहले INS अर्नाला और INS एंड्रोथ को पिछले साल नौसेना में शामिल किया जा चुका है।

पुराने युद्धपोतों की जगह लेंगे नए जहाज

इन नए युद्धपोतों को खास तौर पर उथले समुद्री इलाकों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। इनका मकसद नौसेना के पुराने अभय-श्रेणी के जहाजों की जगह लेना है। इन्हें पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया जा रहा है

SAIL ने INS अंजदीप समेत कुल आठ ASW-SWC युद्धपोतों के लिए करीब 3,500 टन स्पेशल स्टील की सप्लाई की है। यह स्टील कंपनी के बोकारो, भिलाई और राउरकेला में मौजूद स्टील प्लांट में तैयार किया गया है।


आत्मनिर्भर भारत को मजबूती

INS अंजदीप में पूरी तरह स्वदेशी स्टील का इस्तेमाल भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करता है। इससे विदेशों पर निर्भरता कम होती है और देश की रणनीतिक ताकत बढ़ती है। SAIL इससे पहले भी INS विक्रांत, INS उदयगिरी, INS नीलगिरी और INS सूरत जैसे बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स के लिए स्टील दे चुकी है।

INS अंजदीप के नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा और मजबूत होगी। इसे डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

INS अंजदीप की खूबियां-

पनडुब्बी रोधी क्षमता: यह जहाज हल्के वजन वाले टारपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट से लैस है, जो पानी के अंदर छिपे दुश्मन का सटीक शिकार कर सकते हैं।

माइन्स (Mines): इसमें समुद्र में माइन्स बिछाने की भी क्षमता है, जिससे समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और भी मजबूत हो जाती है।

क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS): नजदीकी खतरों और हवाई हमलों से निपटने के लिए इसमें आधुनिक गन सिस्टम लगे हैं।

सोनार (Sonar) सिस्टम: यह जहाज उन्नत हल्क-माउंटेड सोनार और 'लो-फ्रीक्वेंसी एक्टिव टोव्ड ऐरे' (LFATA) सोनार से लैस है, जो गहरे और उथले पानी में पनडुब्बियों की आहट को आसानी से पकड़ लेते हैं।

उथले पानी का 'किंग': INS अंजदीप को विशेष रूप से शैलो वाटर यानी उथले पानी (तटीय इलाकों) के लिए बनाया गया है, जहाँ बड़े युद्धपोत आसानी से नहीं जा सकते।

यह भी पढ़ें- Defence Stocks: डिफेंस शेयर में लगा 10% का अपर सर्किट, कंपनी को मिला नाटो से जुड़ा बड़ा ऑर्डर

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।