International Astronomy Olympiad 2026: 5 भारतीय छात्रों ने झटके 4 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल, हनोई में हुए ओलंपियाड में तीसरी रही भारतीय टीम
International Astronomy Olympiad 2026: हनोई में हुए अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में 5 भारतीय छात्रों की टीम ने वियतनाम के साथ तीसरा स्थान पाया है। इस प्रतियोगिता में भारतीय छात्रों ने 4 गोल्ड मेडल और सिल्वर मेडल जीता। यह प्रतियोगिता 25 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच आयोजित की गई थी
MoneyControl News
अपडेटेड Oct 07, 2026 पर 11:09 AM
हनोई में हुई प्रतियोगिता में भारतीय छात्रों 4 गोल्ड मेडल और 1 सिल्वर मेडल अपने नाम किए।
International Astronomy Olympiad 2026: भारतीय छात्रों एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में देश का नाम ऊंचा किया है। भारतीय छात्रों 5 सदस्यों के दल ने हनोई में हुए 19वें इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (IOAA) में 25 सितंबर 2026 से 5 अक्टूबर 2026 के बीच हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में भारतीय छात्रों 4 गोल्ड मेडल और 1 सिल्वर मेडल अपने नाम किया और मेजबार देश वियतनाम के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इस प्रतियोगिता में ईरान और दक्षिण कोरिया ने 5-5 गोल्ड मेडल जीते।
इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी ओलंपियाड 2026 में भारतीय मेडल विजेता
IOAA 2026 में चार भारतीय स्टूडेंट्स ने गोल्ड मेडल जीते, जबकि एक ने सिल्वर मेडल जीता।
प्रांजल दीक्षित, हैदराबाद, तेलंगाना – गोल्ड
सुमंत गुप्ता, दिल्ली – गोल्ड
अक्षत श्रीवास्तव, गुरुग्राम, हरियाणा – गोल्ड
अर्णव सेहरावत, फरीदाबाद, हरियाणा – गोल्ड
हर्शिल अमितकुमार पटेल, वडोदरा, गुजरात – सिल्वर
पांचों छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसमें टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR), मुंबई की प्रोफेसर भास्वती मुखर्जी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स, बेंगलुरु के प्रोफेसर संवेद कोलेकर लीडर के तौर पर टीम के साथ थे।
भारतीय टीम के हर सदस्य ने झटका मेडल
भारतीय टीम ने इंटरनेशनल ओलंपियाड में 100% पोडियम फिनिश हासिल किया। इसमें हर सदस्य ने गोल्ड या सिल्वर मेडल जीता। आईओएए का 2026 संस्करण इस प्रतियोगिता के इतिहास में सबसे बड़ा था, जिसमें 64 देशों के 307 छात्रों ने हिस्सा लिया था। कुल 51 गोल्ड, 48 सिल्वर और 60 ब्रॉन्ज मेडल दिए गए।
प्रतियोगिता में छात्रों को तीन मेन कॉम्पोनेंट – थ्योरी, ऑब्जर्वेशन और डेटा एनालिसिस – से गुजरना था। थ्योरी का स्कोर 50% था, जबकि ऑब्जर्वेशन और डेटा एनालिसिस का 25-25% हिस्सा था। ओलंपियाड के दौरान अलग-अलग देशों के स्टूडेंट्स के बीच एक अलग टीम कॉम्पिटिशन भी हुआ।
साइंस ओलंपियाड में यादागार रहा भारत का 2026 का सफर
एस्ट्रोनॉमी के नतीजे भारत के लिए और भी अहमियत रखते हैं। IOAA 2026 के खत्म होने के साथ, इस साल के सभी पांच सीनियर-लेवल इंटरनेशनल साइंस ओलंपियाड – मैथमेटिक्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और एस्ट्रोनॉमी – पूरे हो गए हैं। 1989 में इंटरनेशनल ओलंपियाड में भारत के हिस्सा लेने के बाद पहली बार, इन पांच सीनियर-लेवल ओलंपियाड में हिस्सा लेने वाले हर भारतीय स्टूडेंट ने एक ही साल में गोल्ड या सिल्वर मेडल जीता।
पांच प्रतियोगिताओं में, 24 भारतीय छात्रों ने हिस्सा लिया। डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी के मुताबिक, 16 ने गोल्ड मेडल और आठ ने सिल्वर मेडल जीते।
एस्ट्रोनॉमी ओलंपियाड में भारत का मजबूत रिकॉर्ड
भारत 1999 से एस्ट्रोनॉमी ओलंपियाड में हिस्सा ले रहा है। डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी के मुताबिक, जब से भारत ने हिस्सा लेना शुरू किया है, तब से 49% भारतीय प्रतियोगियों ने गोल्ड मेडल जीते हैं, जबकि 35% ने सिल्वर और 13% ने ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।
क्या है एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स पर इंटरनेशनल ओलंपियाड?
एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स पर इंटरनेशनल ओलंपियाड (IOAA) एक अंतररष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतियोगिता है जो थ्योरेटिकल और प्रैक्टिकल प्रॉब्लम-सॉल्विंग के जरिए छात्रों की एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स की समझ को टेस्ट करता है।