IPL 2025: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 की शुरुआत के साथ ही अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी वाले प्लेटफॉर्म की भी बाढ़ आ गई है। अब डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने इन अवैध ऑफशोर ऑनलाइन बेटिंग और मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। ये प्लेटफॉर्म भारत के कानूनी दायरे से बाहर काम कर रहे हैं और IPL जैसे बड़े आयोजनों के दौरान सट्टेबाजी गतिविधियों में जबरदस्त बढ़ोतरी होती है।
DGGI ने अब तक 357 अवैध गेमिंग वेबसाइटों और URLs को ब्लॉक कर दिया है। साथ ही इसने लगभग 126 करोड़ रुपये जब्त किए हैं, जो करीब 2400 बैंक खातों में जमा थे और इन अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े थे। इसके अलावा, लगभग 700 विदेशी गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स की जांच जारी है।
सरकार का यह अभियान टैक्स चोरी रोकने और IPL के दौरान बढ़ने वाली गैर-कानूनी वित्तीय गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए चलाया जा रहा है।
बॉलीवुड सितारे और क्रिकेटर भी जांच के घेरे में
DGGI ने बॉलीवुड अभिनेताओं, क्रिकेटरों और सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर्स की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं, जो इन अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म्स का प्रमोशन कर रहे थे। अधिकारियों ने आम जनता को भी चेतावनी दी है कि इन अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों से दूरी बनाए रखें, क्योंकि यह आर्थिक नुकसान, टैक्स चोरी और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, IPL 2025 के पहले मैच से कुछ दिन पहले ही हैदराबाद पुलिस ने 25 सेलिब्रिटीज के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिनमें अभिनेता प्रकाश राज, राणा दग्गुबाती और विजय देवरकोंडा जैसे बड़े नाम शामिल हैं। आरोप है कि ये लोग अवैध बेटिंग ऐप्स का प्रमोशन कर रहे थे।
IPL सीजन में रहेगी कड़ी निगरानी, कई और गिरफ्तारियां संभव
DGGI की यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग नेटवर्क से जुड़े कई गिरफ्तारियों के बाद की गई है, जिनमें कई बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल 'म्यूल अकाउंट्स' (फर्जी खातों) के रूप में किया गया था। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि IPL के पूरे सीजन में सख्ती जारी रहेगी ताकि इस तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।
IPL 2025 का पहला मैच 23 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन स्टेडियम में KKR और RCB के बीच खेला जाएगा। लेकिन इससे पहले ही, सरकार ने ऑफशोर बेटिंग नेटवर्क्स पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है ताकि इस दौरान बड़े पैमाने पर होने वाली टैक्स चोरी और अवैध फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन को रोका जा सके।
निवेशकों और आम जनता के लिए चेतावनी
DGGI और पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे ऑनलाइन सट्टेबाजी में फंसने से बचें, क्योंकि यह न सिर्फ अवैध है बल्कि इससे बड़ा आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। भारत में केवल उन्हीं गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स को मान्यता दी गई है जो सरकार के नियमों के तहत काम कर रहे हैं।