ISI Terror Module Busted: दिल्ली और मुंबई को दहलाने की साजिश नाकाम! 'डॉन' की गिरफ्तारी से पाकिस्तानी टेरर मॉड्यूल का खुलासा
ISI Terror Module Busted: दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान-समर्थित ISI-अंडरवर्ल्ड आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह मॉड्यूल कथित तौर पर दिल्ली, मुंबई और तीन अन्य शहरों में महत्वपूर्ण ठिकानों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिस कर्मियों पर हमले की योजना बना रहा था। इस मामले में पहली बड़ी सफलता पुणे में एक शार्पशूटर और 'डॉन' की गिरफ्तारी से मिली
ISI Terror Module Busted: टेरर नेटवर्क दिल्ली और मुंबई में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था
Terror Module Busted: दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान समर्थित ISI के एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक नेपाली नागरिक समेत 9 पाकिस्तानी संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर दिल्ली और अन्य शहरों में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिसकर्मियों पर हमले की साजिश रच रहे थे। पुलिस ने कहा कि ये गिरफ्तारियां एक बहु-राज्यीय अभियान के तहत की गई। इससे पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (ISI), अंडरवर्ल्ड के गुर्गों और गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा कथित तौर पर रची गई साजिश का पर्दाफाश हुआ।
पुलिस ने खुलासा किया कि ISI और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ा यह नेटवर्क दिल्ली और मुंबई में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था। एक अधिकारी ने बताया कि इस साजिश का उद्देश्य दिल्ली, मुंबई, पंजाब और चंडीगढ़ में विभिन्न स्थानों को निशाना बनाना था। पुलिस ने कहा कि मुंबई में रेलवे स्टेशन, पार्क और पुल निशाने पर थे।
विशेष पुलिस आयुक्त (स्पेशल सेल) अनिल शुक्ला ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आरोपियों के पास से पाकिस्तान निर्मित चार हथगोले, दो ग्लॉक पिस्तौल, 24 कारतूस, चोरी की एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटर बरामद किया गया है।
इस मामले में पहली बड़ी सफलता पुणे में एक शार्पशूटर विजय 'डॉन' की गिरफ्तारी से मिली। पुलिस ने बताया कि आरोपियों में उत्तर प्रदेश का विजय उर्फ शूटर (23), झारखंड का नीतीश पासवान (23), महाराष्ट्र के तौकीर रिजवान अहमद शेख (27) और साजिद मेहबूब शेख उर्फ अरबाज खान (27), पंजाब के हरविंदर सिंह (28), गगनदीप सिंह (28) और मंजीत सिंह (23) तथा नेपाली नागरिक अनग कामी लामा (66) शामिल हैं।
पुलिस को कैसे मिली जानकारी?
पुलिस के अनुसार, यह अभियान उन सूचनाओं के आधार पर शुरू किया गया था जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तान के गुर्गों और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क से जुड़े लोग कई शहरों में रणनीतिक लक्ष्यों और सुरक्षाकर्मियों पर हमले की साजिश रच रहे हैं। पुलिस ने सबसे पहले विजय उर्फ शूटर को 14 मई को पुणे से और उसके सहयोगी नीतीश पासवान को 17 मई को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने बताया कि विजय पाकिस्तान और दुबई से संचालित भट्टी के नेटवर्क के सदस्यों के कथित तौर पर संपर्क में था। उसे दिल्ली-एनसीआर और कई उत्तरी राज्यों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं को शामिल करने का काम सौंपा गया था। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के बाद जांचकर्ता मुंबई पहुंचे, जहां तौकीर और साजिद को 27 मई को गिरफ्तार किया गया।
पुलिसकर्मियों पर हमले का साजिश
अधिकारियों ने बताया कि ये दोनों व्यक्ति कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित गुर्गों यावर खान और मुन्ना झिंगाड़ा के निर्देश पर काम करते थे। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया, "उन्हें दिल्ली और मुंबई में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिस कर्मियों को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमले और गोलीबारी की घटनाएं करने का काम सौंपा गया था।"
पुलिस ने बताया कि मिली सूचनाओं के आधार पर विशेष प्रकोष्ठ की टीमों ने शुक्रवार तड़के महरौली-बदरपुर रोड पर हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह और मनजीत सिंह को रोका और उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया।
पाकिस्तानी गुर्गों के साथ आपत्तिजनक चैट में बड़ा खुलासा
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन में पाकिस्तान स्थित गुर्गों के साथ आपत्तिजनक चैट पाई गई। पुलिस के अनुसार, झिंगाडा ने 2000 में दाऊद इब्राहिम के कहने पर बैंकॉक में गैंगस्टर छोटा राजन पर कथित तौर पर हमला किया था। बाद में वह थाईलैंड की जेल में 17 साल बंद रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में नेपाल के कुछ लोगों समेत अन्य गुर्गों की संभावित संलिप्तता का पता चला है। उनकी पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले के सिलसिले में कुछ और लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में आगे की जांच जारी है।