उत्तर प्रदेश (यूपी) एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बहुत बड़ा ऑपरेशन किया है। दोनों एजेंसियों ने कुशीनगर से आईएसआईएस (ISIS) के एक खतरनाक आतंकी माड्यूल का भांडाफोड़ किया है। यूपी ATS और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISIS से जुड़े एक संदिग्ध एजेंट रिजवान अहमद को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक रिजवान अहमद काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट के रडार पर था। रिजवान की गिरफ्तारी के बाद अब उसके परिवार ने बड़ी जानकारी दी है।
रिजवान की गिरफ्तारी के बाद उसके पिता निजामुद्दीन ने कहा कि, “अगर मेरे बेटे ने कोई गलती की है और वह दोषी है, तो उसे सज़ा मिलनी चाहिए।” इंडिया टुडे से बात करते हुए रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी निजामुद्दीन ने साफ कहा कि वह कानून के साथ खड़े हैं, किसी भी गलत काम के साथ नहीं। “हम इस देश के नागरिक हैं और अपने देश से प्यार करते हैं। अगर मेरे बेटे ने कोई गलती की है और वह दोषी है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए,” उन्होंने अपने बेटे पर लगे आरोपों से खुद को अलग करते हुए कहा।
कुशीनगर में हुई गिरफ्तारी
बता दें कि, रिजवान को उसकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद कुशीनगर से पकड़ा गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, वह एक मामले में पहले से वांछित था। उस पर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि वह लगातार अंतरराष्ट्रीय कॉल कर रहा था। इससे यह शक पैदा हुआ कि उसके संपर्क देश के बाहर भी हो सकते हैं।
रिजवान जांच एजेंसियों के लिए कोई नया नाम नहीं है। उसे पहले साल 2016 में महाराष्ट्र एटीएस ने आतंकी संगठन आईएसआईएस से कथित संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद एक धमाके से जुड़े मामले में वह 2017 से 2023 तक दिल्ली की जेल में बंद रहा और बाद में रिहा कर दिया गया। अब जांच एजेंसियों को शक है कि जेल से बाहर आने के बाद भी उसकी गतिविधियां जारी रही होंगी।