Jagdeep Dhankhar Residence: भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पद से इस्तीफा दिए एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक उन्हें सरकारी आवास आवंटित नहीं किया गया है। पूर्व उपराष्ट्रपति फिलहाल दिल्ली के छतरपुर स्थित एक प्राइवेट फार्महाउस में रह रहे हैं, जिसे इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के नेता अभय सिंह चौटाला का बताया जा रहा है। नियमों के तहत धनखड़ आजीवन सरकारी आवास के हकदार हैं। उन्होंने 21 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। इसके करीब छह सप्ताह बाद 1 सितंबर 2025 से वह छतरपुर स्थित इस फार्महाउस में रह रहे हैं। शुरुआत में इसे अस्थायी व्यवस्था बताया गया था। लेकिन करीब एक साल बाद भी उनकी रहने की यही व्यवस्था बनी हुई है।
धनखड़ 1 सितंबर, 2025 से छतरपुर में इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) नेता अभय सिंह चौटाला के फार्महाउस में रह रहे हैं। शुरू में पूर्व उपराष्ट्रपति के करीबी लोगों ने इस व्यवस्था को अस्थायी बताया था। लेकिन वे लगभग एक साल बाद भी वहीं रह रहे हैं। 'हिंदुस्तान टाइम्स' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, धनखड़ को अब तक कोई सरकारी आवास आवंटित नहीं किया गया है। उनके कार्यालय ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया कि क्या उनके इस्तीफे के बाद से किसी आवास का प्रस्ताव दिया गया था या उसकी मांग की गई थी?
इन सुविधाओं के हकदार हैं धनखड़
रिटायर उपराष्ट्रपति के लिए पेंशन, आवास और अन्य सुविधाओं से जुड़े नियमों के तहत, उन्हें जीवन भर सरकारी घरस पाने का अधिकार है। नियमों में बिना किराए, पानी या बिजली के शुल्क के फर्नीचर से लैस आवास की व्यवस्था है। मौजूदा नियमों के तहत एक रिटायर उपराष्ट्रपति को आमतौर पर अपनी पसंद की जगह पर टाइप-VIII सरकारी आवास पाने का अधिकार होता है। अगर ऐसा आवास उपलब्ध नहीं है, तो नियमों में उस जगह पर उपलब्ध सबसे ऊंची कैटेगेरी यानी Type-VIII के सरकारी आवास की व्यवस्था है।
नियमों के अनुसार, जिन मामलों में सरकारी आवास उपलब्ध नहीं होता है, वहां केंद्र सरकार 2,000 वर्ग फुट तक के लिविंग एरिया वाले किराए के आवास की व्यवस्था कर सकती है। यह आवास 'जनरल पूल रेजिडेंशियल एकोमोडेशन' स्टॉक से लिया जाता है, जिसका मैनेजमेंट आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के तहत 'डायरेक्टरेट ऑफ एस्टेट्स' करता है। इस अधिकार का लाभ उठाने के लिए पूर्व उपराष्ट्रपति को मंत्रालय से संपर्क करना होता है।
पिछले साल बंगलो तैयार होने की बात सामने आई थी
धनखड़ के मामले में यह देरी तब हो रही है जब पिछले साल संकेत मिले थे कि उनके लिए एक टाइप-VIII बंगला तैयार किया गया था। एस्टेट्स प्रशासन के अधिकारियों ने तब संकेत दिया था कि लुटियंस दिल्ली में पूर्व उपराष्ट्रपति के लिए उपयुक्त आवास उपलब्ध था। धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई, 2025 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे अपने इस्तीफा लेटर में उन्होंने कहा था कि वे स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देना चाहते हैं। मेडिकल सलाह का पालन करना चाहते हैं।
उन्होंने राज्यसभा में विपक्ष के उस प्रस्ताव को मंजरी दी थी जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा की जांच की मांग की गई थी। इसके कुछ ही घंटों बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। लोकसभा ने भी सभी राजनीतिक दलों के समर्थन वाला ऐसा ही एक प्रस्ताव मंजूर किया था। बाद में विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि धनखड़ को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था। लेकिन यह आरोप साबित नहीं हो सका।
अभय चौटाला के फार्महाउस में रह रहे धनखड़
इस्तीफा देने के लगभग छह सप्ताह बाद धनखड़ चौटाला के दिल्ली फायर्महाउस में रहने चले गए। चौटाला INLD के एक बड़े नेता हैं। वह हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के बेटे हैं।
रहने की जगह का यह मामला धनखड़ से पहले इस पद पर रहे एम. वेंकैया नायडू के लिए की गई व्यवस्था से भी अलग है। 11 अगस्त, 2022 को अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद नायडू उसी साल अक्टूबर में 1, त्यागराज मार्ग स्थित सरकारी बंगले में रहने चले गए थे। इस घर में पहले केंद्रीय मंत्री डी. सदानंद गौड़ा रहते थे।
चर्च रोड स्थित नए उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में रहने वाले पहले उपराष्ट्रपति
धनखड़ ऐसे पहले उपराष्ट्रपति भी थे जो अपने कार्यकाल के दौरान चर्च रोड पर बने नए उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में रहे थे। पद से इस्तीफा देने के बाद वे वहां से चले गए। तब से वह निजी आवास में रह रहे हैं। जगदीप धनखड़ अपने कार्यकाल के दौरान चर्च रोड स्थित नवनिर्मित उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में रहने वाले पहले उपराष्ट्रपति भी थे। उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने वह आवास खाली कर दिया और तब से निजी आवास में रह रहे हैं। नियमों में पूर्व उपराष्ट्रपति के लिए सरकारी आवास का स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद धनखड़ को अब तक आवास क्यों नहीं मिला, यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है।