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Waste to Wealth: कचरे के ढेर से खड़ा किया ₹250 करोड़ का स्टार्टअप! जयपुर के दो दोस्तों की ये अनोखी कहानी हैरान कर देगी

Jaipur Startup: जयपुर के अभिषेक गुप्ता और अभिनव शेखर ने कचरे और वेस्ट मैनेजमेंट को कमाई का जरिया बनाकर ₹250 करोड़ की कंपनी खड़े करने का कारनामा कर दिखाया है। कॉलेज कैंपस के एक सफाई अभियान से शुरू हुआ 'वीवॉइस लैब' (WeVOIS Labs) का यह सफर आज 25 से अधिक शहरों तक पहुंच चुका है। IoT तकनीक और स्मार्ट ट्रैकिंग से 6 लाख टन से ज्यादा कचरा रीसायकल करने वाले इन युवाओं की कामयाबी 'फोर्ब्स अंडर-30' की लिस्ट में भी दर्ज हो चुकी है। जानिए इनकी अनोखी कहानी

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Oct 09, 2026 पर 11:26 AM
Waste to Wealth: कचरे के ढेर से खड़ा किया ₹250 करोड़ का स्टार्टअप! जयपुर के दो दोस्तों की ये अनोखी कहानी हैरान कर देगी
इन युवाओं की कामयाबी 'फोर्ब्स अंडर-30' की लिस्ट में भी दर्ज हो चुकी है

Jaipur Waste Management Startup: देशभर में आज स्वच्छता अभियान को लेकर शहरों में इंदौर से आगे निकलने की होड़ है, जिसके लिए प्रशासन और शहरों की संस्थाएं लगातार लोगों को कचरे और साफ-सफाई के प्रति जागरूक करती हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो इस बीड़े को खुद उठाते हैं। ऐसे ही जयपुर के दो युवा हैं, जिन्होंने कचरे और वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के स्टार्टअप से ₹250 करोड़ का साम्राज्य खड़ा कर दिया। आज यह सिर्फ एक सफल स्टार्टअप ही नहीं है, बल्कि 'फोर्ब्स अंडर-30' की लिस्ट तक इनके स्टार्टअप का डंका बज चुका है।

जयपुर के अभिषेक गुप्ता और अभिनव शेखर वशिष्ठ ने 2018 में 'वीवॉइस लैब' (WeVOIS Labs) कंपनी की शुरुआत की और आज उनका यह स्टार्टअप 25 से अधिक शहरों में काम कर रहा है। 'वीवॉइस लैब' के इस क्लीन-टेक स्टार्टअप की कहानी जयपुर के इन दोनों युवाओं के 2016 में कॉलेज कैंपस सफाई अभियान और वेस्ट अवेयरनेस कैंपेन से शुरू हुई थी। उस समय कॉलेज के इस सफाई अभियान को उन्होंने सिर्फ एक प्रोजेक्ट के रूप में नहीं देखा, बल्कि कचरे और सफाई के स्थाई समाधान पर विचार शुरू किया और यहीं से 'वीवॉइस लैब' स्टार्टअप की नींव पड़ी।

6 लाख टन से ज्यादा वेस्ट कचरा प्रोसेस करती है 'वीवॉइस लैब'

आंकड़ों के अनुसार देश में हर साल 62 मिलियन टन कचरा निकलता है, जिसे या तो खुले में फेंक दिया जाता है या जला दिया जाता है। लेकिन जयपुर के अभिषेक गुप्ता और अभिनव शेखर की कंपनी 'वीवॉइस लैब' वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के रूप में अपनी खास पहचान रखती है। इस कंपनी का सिस्टम पूरी तरह इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पर आधारित है। इसमें हर घर, होटल और अस्पताल को 'रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन' (RFID) टैग दिया जाता है, जिससे कचरा उठाने से लेकर प्रोसेस होने तक रियल-टाइम मॉनिटरिंग होती है। इसमें कचरा कब उठा, किसने उठाया, कितना उठा, वर्कर की उपस्थिति, परफॉर्मेंस और प्रोसेस पर खास निगरानी रखी जाती है।

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