
जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पास ड्रोन गतिविधि में तेजी देखी जा रही है। सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल के पास कई संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए, जिसको देखते हुए सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इंटरनेशनल बॉर्डर और एलओसी के अलग-अलग इलाकों में कुल पांच ड्रोन देखे गए हैं।
इलाके में दिखाए दिए पांच ड्रोन
जानकारी के मुताबिक, आगे के इलाकों में कम से कम पांच ड्रोन की गतिविधि नजर आई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर ज़मीनी तलाशी अभियान शुरू किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं हथियार या कोई गैर-कानूनी सामान भारतीय इलाके में तो नहीं गिराया गया। ये सभी ड्रोन वाली चीजें सीमा पार से भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं, कुछ समय तक संवेदनशील इलाकों के ऊपर मंडराती रहीं और फिर वापस पाकिस्तान की ओर चली गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
ड्रोन गतिविधियों के मद्देनजर सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सेना, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी तरह की घुसपैठ या साजिश को नाकाम करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
हाई अलर्ट पर पूरा इलाके
सुरक्षा एजेंसियों ने हालात को देखते हुए तुरंत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू कर दिए। इसके तहत आसपास की चौकियों पर तैनात जवानों को अलर्ट किया गया और जिन इलाकों में संदिग्ध सामान गिराए जाने की आशंका थी, वहां मिलकर तलाशी अभियान शुरू किया गया। राजौरी ज़िले में नौशेरा सेक्टर की सुरक्षा कर रहे सेना के जवानों ने एक ड्रोन देखे जाने के बाद कार्रवाई की। बताया गया कि शाम करीब 6:35 बजे, गनिया-कलसियां गांव इलाके के ऊपर ड्रोन नजर आने पर जवानों ने मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की। सुरक्षा बलों की सतर्कता के चलते पूरे इलाके में निगरानी और तलाशी अभियान और तेज कर दिया गया।
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